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नालंदा में झोपड़ी में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, मुख्य संचालक फरार

January 14, 20261 Mins Read
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नालंदा जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले की पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक संयुक्त कार्रवाई में इस्लामपुर थाना क्षेत्र के आत्मा मठ गांव में एक गुप्त अवैध हथियार निर्माण केंद्र का पर्दाफाश किया। छापेमारी में तीन लोगों को हथियार बनाते हुए गिरफ्तार किया गया, जबकि फैक्ट्री का मुख्य संचालक मौके से फरार हो गया।

हिलसा डीएसपी-2 ऋषिराज ने बताया कि 10 जनवरी को सूचना मिली थी कि आत्मा मठ गांव में अवैध रूप से हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस और एसटीएफ की टीम ने झोपड़ी पर छापेमारी की। झोपड़ी के अंदर हथियार निर्माण का पूरा कारखाना चलता पाया गया। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण और अर्द्धनिर्मित हथियार जब्त किए।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चिकसौरा बाजार निवासी संतोष विश्वकर्मा, मराठी गांव निवासी जय वर्मा और मिर्जापुर निवासी महेन्द्र प्रसाद शामिल हैं। वहीं, आत्मा मठ गांव का रहने वाला विमल राम, जो इस अवैध फैक्ट्री का मुख्य संचालक बताया जा रहा है, मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री में दो देशी लोहे के अर्द्धनिर्मित कट्टा, तीन बैरल, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, हैंड ब्लोअर, 22 रेती, हेक्सा ब्लेड, हथौड़ा, छेनी, सरसी और हथियार बनाने में प्रयुक्त अन्य उपकरण शामिल थे। इसके अलावा, कई मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, जो संभवतः आपसी संपर्क और लेन-देन में इस्तेमाल हो रहे थे।

डीएसपी ऋषिराज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी संतोष विश्वकर्मा एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले चिकसौरा थाना और हिलसा थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। वहीं, महेन्द्र प्रसाद के विरुद्ध भी पूर्व में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने पूरे मामले में इस्लामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऋषिराज ने कहा कि अवैध हथियार निर्माण और बिक्री से स्थानीय सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। इस तरह की फैक्ट्रियों में हथियार का उत्पादन अपराध और हिंसा को बढ़ावा देता है। इस छापेमारी से यह संदेश जाता है कि पुलिस और एसटीएफ न केवल सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करती हैं, बल्कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सतर्क रहती हैं।

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी विमल राम की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापामारी दल को तैनात किया गया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

यह घटना न केवल नालंदा जिले में कानून और व्यवस्था की गंभीर चुनौती को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि संयुक्त और समय पर की गई कार्रवाई अपराधियों को गिरफ्तार करने और अवैध गतिविधियों को रोकने में कितनी प्रभावी हो सकती है।

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