दरभंगा।जिले के चर्चित पटोरी हत्याकांड मामले में विशनपुर थानाक्षेत्र के बसंत निवासी कौशर ईमाम हासमी, अंबर इमाम हासमी ,राजा हासमी,मोबिन हासमीऔर अंजार हासमी को अदालत ने दोषी घोषित किया है।अपर सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने 8 अगस्त 1994 को संस्थित विशनपुर थानाकांड सं.58/1994 से बने सत्रवाद सं.326/99 और सत्रवाद संं 320/10 की सूनवाई पुरी कर उपरोक्त अभियुक्तों को मानव हत्या का दोषी घोषित करते हुए बंधपत्र खंडित कर जेल भेज दिया है।वहीं अदालत ने सभी जूर्मियों का सजा अवधि का निर्धारण के बिन्दु पर सूनवाई और निर्णय के लिए31 जनवरी 2026 की तिथि निर्धारित किया है।
घटनाक्रम
8 अगस्त 1994 की शाम 7 बजे विशनपुर थानाक्षेत्र के बसंत गांव से सटे गुणसार पोखर के दक्षिणी पूर्वी पोखर भिंडा गोलियों की तरतराहट और गोली से जख्मियों की चीख पुकार से दहल गया था।
वारदात
घटना तिथि की शाम टोरी गांव के राम कृपाल चौधरी, रामपुकार चौधरी समेत एक दर्जन किसान अपना भैंस चराकर लौटने के क्रम में गुणसार पोखर में अपने भैंस को पानी पिला रहे थे ।अचानक बसंत गांव से 13 नामजद और 10/12 लोग फरसा,भाला बन्दूक से लैश होकर सबों को घेरकर उनके मवेशियों को जबरन बसंत गांव ले जाना चाहा।पशुपालकों के द्वारा बिरोध करने पर सबों ने अन्धाधुन्ध बन्दूक से फायरिंग शुरु कर दिया।जिसमें एक रामकृपाल चौधरी की मौत घटनास्थल पर हीं हो गई।वहीं बन्दूक से की गई फायरिंग में गोली लगने से आधा दर्जन लोग घायल हुए थे।गोलीकांड में पटोरी गांव के मोहन चौधरी, रविन्दर चौधरी, अशोक चौधरी, कैलाश बिहारी चौधरी, संगीत चौधरी ,रामपुकार चौधरी गंभीर रुप से घायल हो गए थे।इसी मामले में सत्रवाद सं.320/10 में अधिवक्ता कौशर इमाम हासमी,तथा सत्रवाद सं.326/99 में अंबर इमाम हासमी, राज हासमी, अंजार हासमी और मोबिन हासमी को भादवि की धारा 302,307,149 अऔर आर्म्स ऐक्ट की धारा 27-में दोषी घोषित किया है।
31 वर्ष 4 माह,28 दिन बाद आया फैसला।
इस नर हत्या मामले के ट्रायल में 31 वर्ष बीत गए, तथा 32 वें वर्ष में न्याय निर्णय हुई है।इस दौरान प्राथमिकी के आधा दर्जन से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई।वहीं गोली लगने से एक जख्मी मोहन चौधरी की मौत भी हो गई।

अभियोजन पक्ष की तरफ से चन्द्रकान्त सिंग ने हत्या मामले को साबित करने में लोक अभियोजक को भरपूर सहयोग किया जिसका परिणाम है कि हत्यारोपित को सजा हुआ।







