- बिहार के पूर्णिया जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह में डायल 112 पुलिस सेवा के दो चालक भी शामिल थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी खुद को प्रभावशाली बताते हुए युवाओं को प्राइवेट बैंक में पक्की नौकरी दिलाने का झांसा देते थे और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूलते थे। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब अररिया जिले के नरपतगंज (पलासी) निवासी रोहन कुमार साह ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित रोहन कुमार साह ने बताया कि आरोपियों ने उसे एक प्रतिष्ठित प्राइवेट बैंक में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था और इसके एवज में दो लाख रुपये की मांग की। 4 जनवरी को के.नगर थाना क्षेत्र के बालूघाट पेट्रोल पंप के पास उसने आरोपियों को 1 लाख 70 हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद नियुक्ति पत्र देने में लगातार टाल-मटोल की जाने लगी।
काफी समय बीत जाने के बाद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो रोहन को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने सीधे पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत से मामले की शिकायत की।
मामले की गंभीरता और पुलिस कर्मियों की संलिप्तता को देखते हुए एसपी ने बनमनखी और सदर एसडीपीओ को जांच सौंपी। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर डायल 112 के दो चालकों समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने युवाओं को अपना शिकार बनाया है।







