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पटना: बेऊर जेल में मादक पदार्थों की सप्लाई का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

January 21, 20261 Mins Read
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पटना के बेऊर जेल में कैदियों तक मादक पदार्थ पहुंचाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर पुलिस ने चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से भारी मात्रा में गांजा, नकदी और अन्य आपराधिक उपकरण बरामद किए गए हैं। यह मामला जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही और मादक पदार्थों की तस्करी के जटिल नेटवर्क को उजागर करता है।

पुलिस के अनुसार, जेल के भीतर विक्की कुमार नामक कैदी इस मादक पदार्थ नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था। वह बाहर से प्राप्त किए गए गांजे और अन्य नशीले पदार्थों को जेल के अन्य कैदियों तक पहुंचाता था। विक्की कुमार पर पहले से ही 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार की अपराध गतिविधियां शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वह जेल के भीतर न केवल मादक पदार्थ सप्लाई करता था, बल्कि जेल में अन्य कैदियों को इसका सेवन करने के लिए भी प्रेरित करता था।

संगठित गिरोह की करतूतें

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी एक संगठित सिंडिकेट के रूप में कार्य कर रहे थे, जो पटना और आसपास के इलाकों से मादक पदार्थों की खरीद करता और उसे जेल के भीतर सप्लाई करता। गिरोह की विशेषता यह थी कि यह जेल की सुरक्षा व्यवस्था में छेद का फायदा उठाता था। पुलिस ने जांच के दौरान यह भी पता लगाया कि गिरोह ने जेल के पास के मकानों की छतों का इस्तेमाल करके मादक पदार्थ जेल परिसर में फेंकने का तरीका निकाला था।

सिटी एसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें सूचना के आधार पर मिली थी। बेऊर थाना को सूचना मिली थी कि बेऊर अखाड़ा के पास कुछ लोग मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री में लगे हैं। इस सूचना के बाद पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की और छापेमारी शुरू की।

सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान शैलेंद्र मिस्त्री और गोविंद चौधरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि धनंजय नामक व्यक्ति दुल्हिन बाजार के लाल भदसारा क्षेत्र से गांजा सप्लाई करता था। इसके बाद पुलिस ने धनंजय को भी गिरफ्तार किया।

धनंजय से पूछताछ के दौरान पता चला कि बेऊर जेल के सटे जितेंद्र के घर की ऊंची छत से यह गांजा जेल में फेंका जाता था। इसके बाद पुलिस ने जितेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में जितेंद्र ने स्वीकार किया कि वह अपनी छत से कुख्यात विक्की कुमार को जेल के अंदर मादक पदार्थ सप्लाई करता था।

जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस मामले ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल के अंदर और आस-पास के इलाके में मादक पदार्थों की सप्लाई की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पुलिस ने जेल प्रशासन को चिह्नित मकान पर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है और जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की सिफारिश की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में न केवल जेल की सुरक्षा बल्कि आस-पास के नागरिकों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। जेल के पास मकानों से मादक पदार्थ फेंकने की घटनाएं यह दिखाती हैं कि अपराधी किस हद तक कैदियों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने के लिए योजनाएं बनाते हैं।

कैदी विक्की कुमार का रोल

विक्की कुमार इस पूरे नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण कड़ी था। वह जेल के भीतर मादक पदार्थों का वितरण करता और अन्य कैदियों से इसके लिए पैसे वसूलता था। पुलिस ने बताया कि विक्की के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज थे, जिनमें चोरी, डकैती और मादक पदार्थ तस्करी शामिल हैं। इसके बावजूद वह जेल के भीतर सक्रिय रहा और अन्य कैदियों को नशे की आदत डालने का काम करता रहा।

पुलिस ने आगे कहा कि गिरोह के अन्य सदस्य जेल के बाहर से मादक पदार्थों की सप्लाई करते और इसे जेल परिसर में पहुंचाने के लिए छतों और गुप्त रास्तों का इस्तेमाल करते थे। यह पूरी योजना काफी सुव्यवस्थित और संगठित थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अपराधी जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह भांप चुके थे।

पुलिस की भविष्य की कार्रवाई

पुलिस ने मामले में और गहन जांच शुरू कर दी है। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह गिरोह कितने समय से जेल में मादक पदार्थ सप्लाई कर रहा था और कितने अन्य लोग इसके संपर्क में थे। इसके अलावा, पुलिस ने जेल प्रशासन को सलाह दी है कि जेल के आसपास की निगरानी और सुरक्षा को और मजबूत किया जाए।

सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा, “जेल के भीतर और आसपास मादक पदार्थों की सप्लाई की यह घटना काफी गंभीर है। हम सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जाए और जेल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। इसके लिए जेल प्रशासन और पुलिस टीम मिलकर काम कर रही है।”

निष्कर्ष

पटना के बेऊर जेल में मादक पदार्थ सप्लाई का यह मामला न केवल जेल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे अपराधी जेल के भीतर कैदियों तक नशीले पदार्थ पहुँचाने के लिए जटिल नेटवर्क का निर्माण करते हैं। चार गिरफ्तार आरोपियों के अलावा पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सहयोगियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है।

इस पूरे मामले से यह साफ है कि जेल और आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करना बेहद जरूरी है, ताकि कैदियों को नशे की आदत से बचाया जा सके और अपराधियों को ऐसी गतिविधियों से रोका जा सके।

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