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पटना

हीटर हादसे में डॉक्टर की दर्दनाक मौत

February 1, 20261 Mins Read
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पटना। कदमकुआं थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर रोड नंबर-तीन में शनिवार रात एक भयंकर हादसा हुआ, जिसमें 75 वर्षीय वरिष्ठ डॉक्टर अजीत कपूर की आग से झुलसने के कारण मौत हो गई। यह घटना उनके अकेले रहने के दौरान हीटर में शॉर्ट सर्किट के कारण हुई, जिससे आग सीधे उनके कपड़ों तक पहुँच गई।

 

स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार, डॉक्टर अजीत कपूर ठंड से बचने के लिए अपने घर में हीटर चला रहे थे। उनके घर में उस समय कोई और सदस्य मौजूद नहीं था। अचानक हीटर में शॉर्ट सर्किट होने से तेज आग भड़क गई और लपटें तेजी से फैलते हुए उनके कपड़ों को छू गईं। इस अचानक आग की वजह से वे जमीन पर गिर पड़े और लपटों में घिर गए।

पास के लोग उनकी चीख-पुकार सुनकर तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने पानी और कपड़ों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक डॉक्टर गंभीर रूप से झुलस चुके थे। स्थानीय निवासियों ने दमकल विभाग को भी तुरंत सूचना दी। दमकल विभाग की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक डॉक्टर अजीत कपूर की हालत गंभीर थी और उन्होंने दम तोड़ दिया।

कदमकुआं थाना के थाना प्रभारी ने बताया कि आग से झुलसने के कारण उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि घटना के समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था, इसलिए तुरंत मदद नहीं मिल सकी। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शॉर्ट सर्किट को मौत की मुख्य वजह बताया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉक्टर अजीत कपूर अपने क्षेत्र में बहुत सम्मानित और लोकप्रिय चिकित्सक थे। उनके इलाज के तरीकों और मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैये के कारण उन्हें सब जानते और पसंद करते थे। उनकी अचानक और दर्दनाक मौत से आसपास के लोग स्तब्ध हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉक्टर अक्सर अकेले रहते थे और सर्दियों में हीटर का इस्तेमाल किया करते थे। शनिवार की रात भी उन्होंने हीटर चला रखा था, ताकि ठंड से राहत मिल सके। लेकिन विद्युत उपकरणों में समय-समय पर होने वाले छोटे-मोटे शॉर्ट सर्किट कभी-कभी जानलेवा साबित हो जाते हैं। इस मामले में भी यही घटना हुई और आग तेजी से फैल गई।

घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर की मदद करने की पूरी कोशिश की। उन्होंने अपने पास मौजूद पानी और कपड़ों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि वे बच नहीं पाए। यह घटना केवल कुछ ही मिनटों में हुई और यह सब कुछ इतना तेजी से हुआ कि डॉक्टर कुछ भी समझ पाते, उससे पहले ही लपटों में घिर गए।

दमकल विभाग ने बताया कि आग लगने के तुरंत बाद उन्हें सूचना मिली और गाड़ियां घटनास्थल की ओर रवाना की गईं। जब तक दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची, डॉक्टर की हालत गंभीर थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के विद्युत उपकरणों में शॉर्ट सर्किट की समस्या अक्सर होती रहती है और यह जानलेवा भी हो सकता है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई। लोग डॉक्टर अजीत कपूर के निधन से बेहद दुखी हैं। उनके पड़ोसी और मरीज सभी उनकी जिम्मेदारी और सहानुभूति को याद कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉक्टर हमेशा मरीजों की मदद के लिए तत्पर रहते थे और उनकी सेवा भावना के कारण उन्हें सभी सम्मान देते थे।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और प्रारंभिक जांच में हीटर में शॉर्ट सर्किट को मौत का मुख्य कारण माना गया है। पुलिस ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा उपायों की सिफारिश भी की जा सकती है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

इस घटना ने विद्युत उपकरणों की सुरक्षा और घरेलू उपकरणों के सही उपयोग की आवश्यकता पर भी सवाल खड़ा किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि खासकर सर्दियों में हीटर और अन्य विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए। हीटर, हीटिंग पैड और अन्य गर्म करने वाले उपकरणों को कभी भी बिना निगरानी के नहीं चलाना चाहिए, क्योंकि छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।

डॉ. अजीत कपूर की मृत्यु न केवल उनके परिवार और दोस्तों के लिए बल्कि उनके मरीजों और समाज के लिए भी एक बड़ी क्षति है। उनके निधन से डॉक्टर समुदाय और स्थानीय निवासियों में गहरा शोक है। कई लोगों ने सोशल मीडिया और स्थानीय मंचों पर अपने दुख और संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।

इस हादसे ने एक बार फिर यह सिखाया है कि घर पर अकेले रहने पर विशेष सावधानी बरतना अत्यंत जरूरी है, खासकर जब बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल हो। छोटे-मोटे विद्युत हादसे कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकते हैं और समय रहते सतर्क नहीं रहने पर बड़ी त्रासदी का रूप ले सकते हैं।

कदमकुआं थाना क्षेत्र में यह घटना एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। प्रशासन और स्थानीय लोग भी अब सुरक्षा उपायों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। इस तरह के हादसों से न केवल परिवार टूटता है, बल्कि पूरे समाज पर एक दुखद असर पड़ता है।

इस भयंकर हादसे ने पटना के लोगों को आग और विद्युत सुरक्षा के महत्व का एहसास कराया है। लोग अब अपने घरों में हीटर और अन्य गर्म करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल में अधिक सावधानी बरत रहे हैं। वहीं, डॉक्टर अजीत कपूर की याद उनके सेवाभाव, इलाज के तरीके और समाज में उनके योगदान के लिए हमेशा बनी रहेगी।

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