बिहार के गया जिले में गर्मियों की फसलों की तैयारी अब जोर पकड़ने लगी है। तरबूज और खरबूज की खेती को लेकर किसान अभी से खेतों को तैयार करने में जुट गए हैं। बीते कुछ वर्षों में इस खेती ने जिले में खास पहचान बनाई है और अब यह किसानों की आमदनी का अहम जरिया बनती जा रही है।

मानपुर, चंदौती और गुरुआ प्रखंड के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर तरबूज-खरबूज की खेती की जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी का महीना इसकी रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसी दौरान बीज या पौधों को खेतों में लगाया जाता है, जिससे समय पर फसल तैयार हो सके।
हालांकि, किसान रोपाई से काफी पहले ही तैयारी शुरू कर देते हैं। नर्सरी तैयार करना, खेतों की जुताई, खाद और सिंचाई की व्यवस्था जैसे काम एक महीने पहले से ही किए जाते हैं। किसानों को उम्मीद है कि इस बार मौसम अनुकूल रहा तो उन्हें अच्छी पैदावार के साथ बाजार में बेहतर दाम भी मिलेंगे।
तरबूज और खरबूज की बढ़ती मांग को देखते हुए किसान इस खेती से बंपर कमाई की संभावना जता रहे हैं, जिससे आने वाले समय में गया जिला इस क्षेत्र में और मजबूत पहचान बना सकता है।







