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दरभंगा

उमा बाबू की जयंती पर समारोह का आयोजन

January 7, 20261 Mins Read
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समाज, शिक्षा और संस्कृति के प्रति समर्पित थे प्रो उमाकांत चौधरी- कुलपति

सादगी इमानदारी तथा संघर्ष के प्रतिमूर्ति थे उमाबाबू- सांसद शांभवी चौधरी

उमाकांत चौधरी जी के पदचिन्हों को आगे बढाने की जरूरत- डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू

हायाघाट – जीवन मे शिक्षा का अहम स्थान है। समाज के निर्माण तथा सामाजिक संरचना के निर्माण मे शैक्षणिक स्तर का ऊंचा होना आवश्यक है। उमा बाबू व्याख्याता होने के साथ साथ कुशल समाजसेवी तथा बहुआयामी व्यक्तित्व के सुलझे हुए राजनेता भी थे। इमानदारी, सादगी त्याग और सहिष्णुता जैसी आंतरिक गुणों को समाहित कर शिक्षा समाज और अपनी लोक-संस्कृति के लिए जीवन पर्यंत समर्पित रहे।वर्तमान पीढी तथा आधुनिक समाजसेवियो को उनके पद्चिन्हो पर चलते हुए उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए आगे आना होगा यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मिथिलांचल के चर्चित शिक्षाविद् तथा समता पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं जदयू के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो0 उमाकांत चौधरी जी के 93 वी जयंती पर हायाघाट प्रखंड के विशनपुर स्थित उनके पैतृक गांव में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिशनपुर मे आयोजित कार्यक्रम में कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डा प्रो0 शशिनाथ झा ने अपने उदगार व्यक्त किये। स्थानीय समाजसेवी रमेश नारायण चौधरी की अध्यक्षता तथा पल्स टू की शिक्षिका पूजा प्रियदर्शिनी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में प्रो0 उमाकांत चौधरी मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वावधान में मैट्रिक की परीक्षा में बेनीपुर एवं हायाघाट पुराने विधानसभा मे पहला, दूसरा तथा तीसरा स्थान प्राप्त करनेवाले छात्र छात्राओं को विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया गया तथा पहले स्थान लाने वाले को दस हजार, दूसरे स्थान लाने वाले को पांच हजार तथा तीसरे स्थान लाने वाले को तीन हजार रुपये के चेक के साथ प्रशस्ति पत्र भी सौंपा गया। इसके साथ स्कूल बैग एवं कलम कापी वगैरह से उत्साहित किया गया। इस क्रम में पुराने हायाघाट विधानसभा के पहला स्थान लाने वाली पल्स टू देव नारायण उच्च विद्यालय पंचोभ के छात्र रत्नेश कुमार को उमाकांत-तारा सम्मान, दूसरा स्थान लाने वाले उच्च विद्यालय गोढ़ियारी की छात्रा सादिया नसीम को जगदीश केवल सम्मान तथा तीसरा स्थान प्राप्त करनेवाले पल्स टू महंत कर्ण उच्च विद्यायल हायाघाट के लव कुमार को किशोर सम्मान दिया गया। उसी तरह बेनीपुर विधानसभा मे पहला स्थान लाने वाली उच्च माध्यमिक विद्यालय मधुबन, बहेड़ी, बेनीपुर की छात्रा रश्मि राज को चंदकात नागो सम्मान, दूसरा स्थान लाने वाले उत्क्रमित विद्यालय मधुबन, बहेड़ी, बेनीपुर के हिमांशु कुमार को विंदेश्वर धीरेन्द्र सम्मान तथा तीसरा स्थान प्राप्त करनेवाले उच्च माध्यमिक विद्यालय हावीभौआर बेनीपुर के ध्रुव कुमार ठाकुर को कामिनी सम्मान तथा पल्स टू उच्च विद्यालय विशनपुर की प्रथम स्थान पाने वाली छात्रा पलक कुमारी को बचबू हिरदन सम्मान से कुलपति प्रो लक्ष्मी निवास पाण्डेय, फाउंडेशन के संरक्षक विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी, डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू, एजाज अहमद सहित विभिन्न अतिथियों के द्वारा प्रशस्ति पत्र तथा चेक देकर प्रोत्साहित किया गया।


छात्र छात्राओं को उत्साहित करते हुए सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि नयी पीढ़ी के राजनेताओं को उमबाबू के जीवन से सीखने की जरूरत है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ समता पार्टी के स्थापना के समय से जो काम उन्होंने किया वह अनुकरणीय है। उमाकांत चौधरी के सामाजिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा कि मिथिला मे अनेकों विभूतियों ने यहां का नाम रौशन किया है उमा बाबू भी उसी कडी के हिस्सा है। वे बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी थे।जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने कहा कि उमबाबू विद्वान पुरुष थे। शिक्षाविद थे। समाज के हर वर्ग में उनकी पकड़ थी। कार्यक्रम का प्रारंभ विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी सहित आगत अतिथियों ने विद्यालय प्रांगण में स्थित उमबाबू के प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर जयंती कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वक्ताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि शास्त्रो मे कहा गया है कि पिता के सत्कर्मों का प्रभाव उनके पुत्र पर भी पडतै है तथा उन्हें यह संकोच नहीं कि पिता प्रो0 उमाकांत चौधरी जी के व्यक्तित्व के बटबृक्ष को आगे बढाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके पिता का स्पष्ट मानना था कि नैतिक मूल्यों से समझौता करके राजनीतिक लाभ नही लेनी चाहिए और वे आज भी इस पर कायम है। बिधायक प्रो0 चौधरी ने उमाबाबू के राजनीतिक विरासत को खुद के लिए सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि झूठ और भ्रष्टाचार से समझौता किये विना इस फाउंडेशन के बैनर तले छात्र छात्राओं को उत्साहित करते रहेंगे। प्रो0 चौधरी ने सामाजिक जीवन के बीच उमाबाबू के सिद्धांतों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हार के बाबजूद उन्होंने जीत के लिए अधर्म का सहारा नही लिया यही कारण है कि आज उन्हें अपने पिता के सामाजिक जीवन पर गर्व है। मिथिला मैथिली के लिए चर्चित डा बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने उमाबाबू के संस्मरणों की चर्चा करते हुए कहा कि एक शिक्षक होने के साथ साथ वे सामाजिक परिवर्तन के सबसे बडे समर्थक थे। गरीब छात्र छात्राओं के लिए मदद करना उनकी अंतरात्मा मे रहती थो तथा अपने सीमित वेतन मे भी पैसा बचाकर निर्धन छात्रो को उत्साहित करते थे।
विभिन्न जनप्रतिनिधियों को पाग एवं अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। भाजपा नेता राजेश चौधरी ने उमा बाबू के जीवन पर कविता पाठ किया।
कार्यक्रम में पूर्व डीईओ के एन सदा, डीपीओ अवधेश कुमार, बीपीएम विजय कुमार राय, बेनीपुर के प्रखंड प्रमुख चौधरी मुकुंद राय, एजाज अख्तर खान उर्फ रोमी खान, शैलेन्द्र चौधरी, पंकज चौधरी, स्थानीय मुखिया राजकुमार चौधरी, रामनरेश चौधरी, मिंटू लालदेव, अभिलेश चौधरी, डॉ परमानंद झा, पूर्व मुखिया रामपुर चौधरी, रमेश चौधरी आदि मौजूद थे।

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