सासाराम हेड पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने भ्रष्टाचार के इस खेल का पर्दाफाश करते हुए एक पोस्टमैन को रंगे हाथों पकड़ा।
रिश्वत की रकम और गिरफ्तारी
सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने मंगलवार को सासाराम हेड पोस्ट ऑफिस में कार्रवाई करते हुए पोस्टमैन श्रीलाल को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। यह रिश्वत ग्रामीण डाक सेवक बिट्टू कुमार करवार से उनकी ट्रांसफर फाइल जल्दी दिल्ली भेजने के बदले ली जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद पोस्ट ऑफिस में हड़कंप मच गया।
पोस्टमैन ने अधिकारी को बताया जिम्मेदार
पूछताछ में श्रीलाल ने माना कि वह यह रकम अपने वरिष्ठ अधिकारी, डाक अधीक्षक मारुति नंदन के कहने पर ले रहा था। शिकायतकर्ता बिट्टू कुमार करवार ने बताया कि वे रोहतास प्रमंडल में ग्रामीण डाक सेवक (GDS) थे और प्रमोशन के बाद 29 नवंबर 2025 को भभुआ सब डिवीजन से ट्रांसफर हुए। लेकिन फाइल की प्रति उन्हें केवल 30 दिसंबर को मिली।
फाइल न पहुंचने से जॉइनिंग अटकी
दिल्ली पहुंचने पर बिट्टू कुमार को पता चला कि उनकी ट्रांसफर फाइल रोहतास डिवीजन से भेजी ही नहीं गई थी, जिसके कारण उनकी जॉइनिंग रद्द कर दी गई। फाइल जल्द भेजने के लिए संपर्क करने पर लगातार टालमटोल होती रही।
रिश्वत की मांग और सौदा तय
12 जनवरी को डाक अधीक्षक मारुति नंदन के ड्राइवर और पोस्टमैन श्रीलाल ने बिट्टू कुमार से फाइल भेजने के लिए 50,000 रुपये की मांग की। बाद में यह राशि घटाकर 30,000 रुपये तय हुई।
सीबीआई ने जाल बिछाकर किया गिरफ्तार
बिट्टू कुमार की शिकायत पर सीबीआई ने ट्रैप लगाया और पोस्टमैन श्रीलाल को रिश्वत लेते ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उनके घर पर भी छापेमारी शुरू कर दी गई। वहीं, डाक अधीक्षक मारुति नंदन अभी तक फरार हैं।
जांच जारी
सीबीआई मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य अधिकारियों की भूमिका भी सामने लाने की कोशिश में है।








