बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा इलाके में अंधविश्वास ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर जहाँ हर तरफ खुशियों का माहौल था, वहीं वाजितपुर गांव में एक बेटी की चीखों ने उत्सव को मातम में बदल दिया। अंधविश्वास के चलते पड़ोसियों ने मायके आई एक 32 वर्षीय महिला की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी।

इस जघन्य हत्याकांड का पूरा ब्योरा यहाँ है:
1. त्यौहार की खुशियां बदलीं मातम में
गौरीचक थाना क्षेत्र की रहने वाली मृतका मंगलवार को ही मकर संक्रांति मनाने अपने मायके वाजितपुर (बिहटा) आई थी। उसे अंदाजा भी नहीं था कि यह उसके जीवन का आखिरी सफर होगा।
घटनाक्रम: बुधवार की दोपहर जब वह घर में अकेली थी, तभी पड़ोसियों ने उस पर धावा बोल दिया।
बचाव में आए परिजन भी घायल: घर के अंदर से शोरगुल सुनकर जब महिला के बूढ़े माता-पिता और चाचा उसे बचाने दौड़े, तो उन्मादी भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में कुल 5 लोग बुरी तरह घायल हुए। महिला को अधमरी हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
2. मासूम की मौत बनी हत्या का कारण
इस बर्बरता के पीछे की वजह गहरा अंधविश्वास और पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
पड़ोसी का शक: पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी पड़ोसी, पिंटू राम के 6 महीने के बेटे देवराज की मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी।
‘डायन’ होने का आरोप: बच्चे की मौत से बौखलाए पिंटू राम और उसके परिवार ने महिला पर ‘डायन’ होने और काला जादू करने का आरोप लगा दिया। उन्हें शक था कि महिला के कारण ही उनके बच्चे की जान गई है। इसी बदले की भावना में उन्होंने महिला को अकेला पाकर मौत के घाट उतार दिया।
3. तीन महीने पुरानी रंजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि यह विवाद अचानक नहीं हुआ। तीन महीने पहले भी जब महिला अपने मायके आई थी, तब भी पड़ोसियों से उसका झगड़ा हुआ था। उस समय भी किसी अनहोनी को लेकर ताने मारे गए थे। मंगलवार को बच्चे की मौत ने उस पुरानी आग को हवा दे दी, जिसका अंजाम इस खौफनाक हत्या के रूप में सामने आया।
4. पुलिस की कार्रवाई: 4 हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही बिहटा थानाध्यक्ष अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पिंटू राम समेत 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि परिजनों के लिखित आवेदन मिलते ही एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







