बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रेम विवाह को लेकर उपजे पारिवारिक विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के बनघरा गांव में एक पिता ने कथित रूप से अपनी ही बेटी के पति की गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि समाज में प्रेम विवाह को लेकर मौजूद कटु मानसिकता को भी उजागर कर दिया है।

मृतक की पहचान आयुष कुमार (27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो एक निजी बैंक में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि आयुष का उसी गांव की रहने वाली तन्नू कुमारी से प्रेम संबंध था। दोनों की मुलाकात काम के दौरान हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। परिवार की मर्जी के खिलाफ दोनों ने करीब डेढ़ साल पहले शादी कर ली थी।
शादी के बाद से ही तन्नू के परिजन इस रिश्ते से नाराज चल रहे थे। परिवारिक सूत्रों के मुताबिक, आयुष को लगातार धमकियां मिल रही थीं। उसे डराया-धमकाया जा रहा था और शादी तोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि इससे पहले भी दो बार सड़क दुर्घटना का रूप देकर उसकी हत्या कराने की कोशिश की गई, लेकिन संयोगवश वह बच गया।
घटना वाले दिन आयुष को कथित रूप से ससुराल पक्ष की ओर से घर बुलाया गया था। परिजनों का कहना है कि आयुष को किसी अनहोनी की आशंका नहीं थी। जैसे ही वह वहां पहुंचा, उस पर गोली चला दी गई। गोली सिर के पास लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही सिवाईपट्टी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया। वारदात के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक की पत्नी तन्नू कुमारी ने इस मामले में अपने पिता पर सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। उसने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसके माता-पिता उसकी शादी से बेहद नाराज थे और उन्होंने ही उसके पति की जान ली है।
पुलिस ने पत्नी के बयान के आधार पर आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पारिवारिक रंजिश और प्रेम विवाह को हत्या का कारण माना जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि समाज में आज भी प्रेम विवाह को अपराध क्यों माना जाता है और कब तक रिश्तों की आड़ में खून बहता रहेगा।







