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नरकटियागंज में भीषण टक्कर, परीक्षार्थी समेत चार घायल

February 20, 20261 Mins Read
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पश्चिमी चंपारण जिले के नरकटियागंज में शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। शिकारपुर थाना क्षेत्र के जयमंगलापुर गांव के पास टेंपो और बोलेरो की आमने-सामने हुई जोरदार भिड़ंत में 17 वर्षीय परीक्षार्थी समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत राहत-बचाव में जुट गए। घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा और टेंपो चालक की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना सुबह उस वक्त हुई जब सड़क पर सामान्य आवाजाही शुरू ही हुई थी। 17 वर्षीय छात्रा घर से परीक्षा देने के लिए निकली थी और एक टेंपो में बैठकर अपने परीक्षा केंद्र की ओर जा रही थी। परिवार ने उसे शुभकामनाओं के साथ विदा किया था और सभी को उम्मीद थी कि वह अपनी परीक्षा अच्छे से देगी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जयमंगलापुर गांव के पास सामने से तेज रफ्तार में आ रही बोलेरो ने टेंपो को सीधी टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो का अगला हिस्सा बुरी तरह चकनाचूर हो गया। झटके से सवार लोग सीटों से उछल गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास खेतों और घरों में मौजूद ग्रामीण तेज आवाज सुनकर दौड़ पड़े। किसी ने घायलों को टेंपो से बाहर निकाला, तो किसी ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। ग्रामीणों की तत्परता से राहत कार्य तेजी से शुरू हो सका।

सूचना मिलते ही शिकारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से घायलों को अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात भी सामान्य कराया। इस दौरान कुछ देर के लिए सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई थी, जिसे बाद में नियंत्रित कर लिया गया।

अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि हादसे में कुल चार लोग घायल हुए थे, जिनमें एक 17 वर्षीय परीक्षार्थी भी शामिल है। सभी को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि छात्रा और टेंपो चालक बलिस्टर सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। उनकी हालत को देखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर कर दिया गया। वहीं दो अन्य घायल महिलाओं का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

डॉक्टरों के अनुसार छात्रा को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगी है, जबकि चालक को भी गंभीर आंतरिक चोटें आई हैं। मेडिकल टीम दोनों की हालत पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से दोनों की हालत में सुधार की उम्मीद है।

हादसे की खबर जैसे ही छात्रा के परिवार तक पहुंची, घर में मातम जैसा माहौल हो गया। परिजन तुरंत अस्पताल पहुंचे और बेटी की हालत देखकर भावुक हो उठे। परिवार वालों ने बताया कि वह पूरी मेहनत से परीक्षा की तैयारी कर रही थी और सुबह बड़े उत्साह के साथ घर से निकली थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि रास्ते में ऐसा हादसा हो जाएगा।

इधर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकारपुर थानाध्यक्ष ज्वाला कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुआ प्रतीत होता है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बोलेरो चालक की पहचान की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने और तेज गति से वाहन चलाने की वजह से इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सावधानी से वाहन चलाएं, खासकर सुबह और स्कूल-कॉलेज के समय जब सड़कों पर विद्यार्थियों की आवाजाही अधिक रहती है।

स्थानीय लोगों ने भी इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के चलने की शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि जयमंगलापुर के पास सड़क सीधी और खुली होने के कारण चालक अक्सर गति बढ़ा देते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से इस इलाके में स्पीड कंट्रोल के उपाय, चेतावनी संकेत और नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। जरा सी लापरवाही कैसे किसी परिवार के सपनों पर भारी पड़ सकती है, इसका यह ताजा उदाहरण है। फिलहाल सभी की निगाहें घायल छात्रा और चालक की सेहत पर टिकी हैं और लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।

प्रशासन की ओर से भी मामले पर नजर रखी जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस घटना से सबक लेकर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा।

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