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तिलक के जश्न के बाद मातम, रोहतास के मठिया गांव में 48 घंटे में सात संदिग्ध मौतें

February 19, 20261 Mins Read
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बिहार के रोहतास जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। बिक्रमगंज सबडिवीजन के मठिया गांव में महज 48 घंटों के भीतर सात लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि ये मौतें एक ही परिवार और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी बताई जा रही हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और प्रशासनिक अमला पूरे मामले की गहराई से जांच में जुट गया है।

जानकारी के मुताबिक, 14 फरवरी की रात मठिया गांव निवासी पूजन सिंह के बेटे का तिलक समारोह आयोजित था। घर में खुशियों का माहौल था। रिश्तेदारों और गांववालों की मौजूदगी में रस्में निभाई गईं। लेकिन इस जश्न के महज एक दिन बाद हालात अचानक बदल गए। तिलक के दूसरे दिन पूजन सिंह का दूसरा बेटा लल्लू सिंह अचानक बीमार पड़ गया। परिजनों ने बताया कि उसे उल्टी, घबराहट और तेज कमजोरी की शिकायत हुई। स्थिति बिगड़ती चली गई और 16 फरवरी को उसकी मौत हो गई।

लल्लू सिंह की मौत ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। अभी परिवार इस आघात से उबर भी नहीं पाया था कि अगले दो दिनों में एक-एक कर चार और लोगों की मौत की खबर सामने आई। ये सभी लोग तिलक समारोह में शामिल होने आए रिश्तेदार बताए जा रहे हैं, जो नासरीगंज इलाके से आए थे। तीन दिन के भीतर चार रिश्तेदारों की भी मौत हो गई। इसके अलावा गांव के अन्य दो लोगों की भी संदिग्ध हालात में जान चली गई। इस तरह कुल सात मौतों ने पूरे गांव को शोक और डर में डाल दिया।

गांव में तेजी से यह चर्चा फैलने लगी कि कहीं इन मौतों के पीछे जहरीली शराब तो नहीं है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि तिलक समारोह में कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। हालांकि, यह सिर्फ अटकलें हैं और प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रोहतास पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। सभी मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है।

सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर कई तरह की बातें सामने आने लगीं। शराब से मौत की आशंका को लेकर तरह-तरह की पोस्ट वायरल होने लगीं। इसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और उत्पाद विभाग की टीम को गांव भेजा गया। उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त तारिक महमूद ने अधिकारियों के साथ गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है।

तारिक महमूद के अनुसार, शुरुआती बातचीत में यह भी जानकारी सामने आई है कि एक व्यक्ति की मौत कुत्ते के काटने के कारण हुई हो सकती है। हालांकि, यह भी जांच का विषय है और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य चिकित्सीय परीक्षणों का इंतजार किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क कर दिया है। मृतकों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत का कारण जहरीला पदार्थ, बीमारी या कोई अन्य वजह है। गांव में मेडिकल टीम भी पहुंची है, जो अन्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है, ताकि किसी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है। लगातार हो रही मौतों से लोग सहमे हुए हैं। कुछ परिवारों ने एहतियात के तौर पर बाहर से आने-जाने पर रोक लगा दी है। गांव में चर्चा का माहौल है, लेकिन कोई भी स्पष्ट रूप से कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। सभी प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जागरूकता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि मौतों के पीछे जहरीली शराब की पुष्टि होती है तो यह प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। वहीं, यदि कोई संक्रामक बीमारी या अन्य कारण सामने आता है, तो स्वास्थ्य विभाग को तत्काल कदम उठाने होंगे।

रोहतास पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखना जरूरी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सहयोग करें और बिना पुष्टि के किसी भी तरह की जानकारी न फैलाएं।

तिलक जैसे खुशी के मौके के बाद इस तरह का मातम पूरे इलाके के लिए असहनीय है। जिन घरों में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है। परिवारों की खुशियां पल भर में शोक में बदल गईं। परिजन अब सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि आखिर इन मौतों के पीछे असली वजह क्या है।

जांच एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं—चाहे वह भोजन, पेय पदार्थ, स्वास्थ्य इतिहास या अन्य कोई कारण हो। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। तब तक यह मामला रहस्य बना हुआ है।

मठिया गांव की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन के लिए यह एक संवेदनशील मामला है, क्योंकि सात मौतों ने न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो यह बताएगी कि आखिर तिलक के जश्न के बाद इस गांव में ऐसा क्या हुआ कि 48 घंटों के भीतर सात लोगों की जिंदगी खत्म हो गई।

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