Shopping cart

Breaking News :
  • Home
  • बिहार
  • यूपी–बिहार बॉर्डर पर शराब तस्करी का भंडाफोड़: 368 लीटर जब्त, तीन गिरफ्तार
बिहार

यूपी–बिहार बॉर्डर पर शराब तस्करी का भंडाफोड़: 368 लीटर जब्त, तीन गिरफ्तार

February 16, 20261 Mins Read
12

यूपी–बिहार सीमा पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान शनिवार को पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। गुठनी थाना क्षेत्र के ताली नहर पुल के पास की गई कार्रवाई में 368 लीटर शराब जब्त की गई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस बरामदगी के बाद सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क और पुलिस निगरानी व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

शनिवार दोपहर यूपी–बिहार सीमा से सटे इलाके में बिहार पुलिस वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में कार से 305.280 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने से मौके पर हड़कंप मच गया और आसपास के लोग भी जुटने लगे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार सवार दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराजगंज थाना क्षेत्र के देवरिया गांव निवासी पंकज कुमार और मुदित राय उर्फ मीतू राय के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आशंका जताई जा रही है कि शराब की यह खेप यूपी सीमा से जुड़े किसी संगठित नेटवर्क के जरिए बिहार में खपाने के उद्देश्य से लाई जा रही थी। पुलिस इस पूरे रैकेट के तार खंगालने में जुट गई है।

इसी कार्रवाई के क्रम में पुलिस ने एक अन्य युवक को बाइक से 63 लीटर देसी शराब के साथ गिरफ्तार किया। उसकी पहचान देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के सोहनपुर निवासी आकाश कुमार पांडेय के रूप में हुई है। बाइक पर इतनी मात्रा में शराब की बरामदगी ने यह साफ कर दिया कि तस्कर छोटे और बड़े दोनों स्तरों पर सक्रिय हैं। पुलिस ने कार और बाइक दोनों को जब्त कर लिया है।

गुठनी थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में तस्करी की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने चौकसी और बढ़ा दी है। लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है ताकि अवैध कारोबार पर लगाम लगाई जा सके।

इधर, बनकटा थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने अलग कार्रवाई करते हुए 17 लीटर शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इंगुरी सराय मोड़ के पास शनिवार रात पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक सवार को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से 17 पाउच बंटी बबली (करीब 14 लीटर) और आठ शीशी रायल स्टैग (करीब तीन लीटर) अंग्रेजी शराब बरामद हुई। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मैरवा, बिहार निवासी मुन्ना गोड़ के रूप में हुई है। इस मामले में भी एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

लगातार हो रही इन बरामदगियों ने रामपुर बुजुर्ग चेकपोस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि दोनों बड़ी बरामदगियां चेकपोस्ट से महज कुछ ही दूरी पर हुईं। पहली घटना में धरनी छापर चेकपोस्ट के पास से दो लग्जरी कारों से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब पकड़ी गई थी। उस दौरान एक तस्कर गिरफ्तार हुआ, जबकि दूसरा फरार हो गया।

दूसरी घटना में चेकपोस्ट के नजदीक से ही 368 लीटर शराब कार और बाइक से बरामद की गई। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में शराब सीमा पार कैसे लाई जा रही थी और चेकपोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। लोगों का कहना है कि जब चेकिंग की व्यवस्था पहले से मौजूद है, तो तस्कर बेखौफ होकर वाहनों से शराब की खेप कैसे ले जा रहे हैं।

सीमा क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद यूपी सीमा से तस्करी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। तस्कर अलग-अलग तरीकों से शराब को बिहार में पहुंचाने की कोशिश करते हैं—कभी निजी वाहनों में छिपाकर, तो कभी छोटे वाहनों या बाइक के जरिए। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद यह नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा क्षेत्र में निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने और खुफिया तंत्र को सक्रिय करने जैसे कदम प्रभावी साबित हो सकते हैं। साथ ही, चेकपोस्ट पर तैनात कर्मियों की जवाबदेही तय करना भी जरूरी है।

अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील ने बताया कि मामले की विस्तृत जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि शराब तस्करी का नेटवर्क संगठित और सक्रिय है। लगातार हो रही बरामदगियों से यह संकेत मिलता है कि तस्कर नए-नए रास्ते और तरीके अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे न सिर्फ कार्रवाई करें, बल्कि निगरानी तंत्र को भी और मजबूत बनाएं।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। सीमा क्षेत्र में सघन जांच अभियान जारी है और आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

Related Posts