मोतिहारी जिले के केसरिया-चकिया मुख्य मार्ग पर सोमवार को एक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। राजपुर गांधी चौक के समीप पुलिस वाहन और टेंपो की आमने-सामने टक्कर में इंटर की परीक्षा देकर लौट रही एक छात्रा सहित तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने पुलिस वाहन को घेर लिया और करीब एक घंटे तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रित हो सकी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेंपो चकिया से परीक्षार्थियों को लेकर उनके घर की ओर लौट रहा था। टेंपो को रिजर्व किया गया था, जिसमें चार छात्र-छात्राएं और दो अभिभावक सवार थे। जैसे ही वाहन राजपुर गांधी चौक के पास पहुंचा, सामने से आ रही पुलिस की गाड़ी ने टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे लोग इधर-उधर गिर पड़े।
इस हादसे में सिसवा पटना निवासी अजय राम (40), राजू राउत (35) और 18 वर्षीय प्रियम कुमारी घायल हो गईं। अजय राम को अपेक्षाकृत अधिक चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल केसरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। वहीं राजू राउत और प्रियम कुमारी का इलाज निजी क्लीनिक में कराया जा रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं, लेकिन उन्हें कुछ दिनों तक आराम की सलाह दी गई है।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। लोगों ने देखा कि टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और अंदर बैठे यात्री दर्द से कराह रहे हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकालने में मदद की और एंबुलेंस की व्यवस्था की।
घायल राजू राउत ने बताया कि वह अपनी बेटी को इंटर की परीक्षा दिलवाकर घर लौट रहे थे। उन्होंने कहा, “हम लोग सामान्य गति से आ रहे थे। अचानक सामने से पुलिस की गाड़ी आई और सीधी टक्कर मार दी। मेरी बेटी भी इस हादसे में घायल हो गई।” उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों का आरोप था कि पुलिस वाहन तेज रफ्तार में था और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। देखते ही देखते भीड़ बढ़ती गई और लोगों ने पुलिस की गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया। लगभग एक घंटे तक सड़क जाम रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चकिया डीएसपी सतेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि पुलिस वाहन चालक की गलती पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। काफी समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए और पुलिस वाहन को वहां से हटाया जा सका।
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि दुर्घटना में शामिल वाहन केसरिया सर्किल इंस्पेक्टर की सरकारी गाड़ी थी। हालांकि घटना के समय सर्किल इंस्पेक्टर स्वयं गाड़ी में मौजूद नहीं थे। फिलहाल यह जांच का विषय है कि वाहन कौन चला रहा था और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। पुलिस ने टेंपो चालक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटना की सटीक तस्वीर सामने आ सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजपुर गांधी चौक के पास अक्सर यातायात का दबाव रहता है और यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सरकारी वाहनों को भी यातायात नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए, क्योंकि लापरवाही किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा देकर लौट रही छात्रा और उसके साथियों के लिए यह दिन खुशियों भरा होना चाहिए था, लेकिन एक पल की टक्कर ने उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा किसकी गलती से हुआ। वहीं ग्रामीण निष्पक्ष कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। प्रशासन के लिए अब यह जरूरी हो गया है कि वह जल्द से जल्द जांच पूरी कर सच्चाई सामने लाए, ताकि लोगों का भरोसा कायम रह सके।







