मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के सोमगढ़ गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। महज 21 वर्षीया काजल देवी का शव उसके ससुराल में मिलने के बाद मायके पक्ष ने हत्या की आशंका जताई है। घटना के बाद से ससुराल पक्ष के सभी सदस्य घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं, जिससे मामला और भी संदेहास्पद हो गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।

जानकारी के अनुसार मृतका काजल देवी की शादी करीब दस महीने पहले सोमगढ़ निवासी रमन पासवान से हुई थी। शादी के बाद से वह अपने ससुराल में रह रही थी। परिजनों का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन समय के साथ व्यवहार में बदलाव आने लगा। हालांकि इस संबंध में परिजनों ने खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने इतना जरूर बताया कि काजल अक्सर अपनी मां से फोन पर बातचीत करती थी और अपनी परेशानियां साझा करती थी।
घटना की रात भी मां-बेटी के बीच लंबी बातचीत हुई थी। परिवार वालों के अनुसार देर रात तक दोनों के बीच मोबाइल पर बातें होती रहीं। मां को जरा भी अंदेशा नहीं था कि यह बातचीत उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी। अगले दिन सुबह जब मां ने काजल को फोन किया तो उसका मोबाइल बंद मिला। शुरुआत में परिजनों ने सोचा कि शायद नेटवर्क की समस्या हो या फोन की बैटरी खत्म हो गई हो, लेकिन समय बीतने के साथ उनकी चिंता बढ़ती गई।
इसी बीच ससुराल पक्ष से सूचना मिली कि काजल की तबीयत अचानक खराब हो गई है और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है। यह सुनते ही मायके पक्ष ने सलाह दी कि उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में भर्ती कराया जाए ताकि बेहतर इलाज मिल सके। परिजनों का आरोप है कि ससुराल वाले उसे किसी स्थानीय डॉक्टर के पास छोड़कर वहां से चले गए। यह बात सुनकर मायके पक्ष के लोग घबराए और तुरंत सोमगढ़ के लिए रवाना हो गए।
जब वे काजल के ससुराल पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। घर में सन्नाटा पसरा हुआ था और कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। घर के भीतर काजल का शव पड़ा हुआ था। परिजनों का कहना है कि उसकी गर्दन के आगे की ओर एक तरफ निशान था, जो सामान्य मौत की ओर इशारा नहीं करता। शव की स्थिति और ससुराल वालों का अचानक गायब हो जाना, दोनों ही बातों ने हत्या की आशंका को और मजबूत कर दिया।
मायके पक्ष ने तुरंत स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही साहेबगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उनका कहना है कि अगर यह सामान्य बीमारी या आत्महत्या का मामला होता तो ससुराल वाले मौके पर मौजूद रहते और खुद सूचना देते, लेकिन सभी का फरार हो जाना कई सवाल खड़े करता है। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि उन्हें न्याय चाहिए।
गांव में इस घटना के बाद से दहशत और चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने भी रात में किसी प्रकार की हलचल नहीं देखी, लेकिन सुबह जब पुलिस पहुंची तब जाकर घटना की जानकारी मिली। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि हाल के दिनों में घर के भीतर से विवाद की आवाजें सुनाई देती थीं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
साहेबगंज थाना प्रभारी ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। मायके पक्ष की ओर से हत्या का आरोप लगाया गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। ससुराल पक्ष के लोगों की तलाश की जा रही है और उनके सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर से नवविवाहित महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी के महज दस महीने बाद इस तरह की मौत ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। लेकिन मां-बेटी की वह आखिरी बातचीत अब परिवार के लिए हमेशा एक दर्दनाक याद बनकर रह गई है।







