पटना जिले के फतुहा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक सनसनीखेज हत्या ने इलाके में दहशत फैला दी। गौरीपुंदा गांव के खंदे के पास 50 वर्षीय विनोद प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक मूल रूप से नालंदा जिले के थरथरी थाना क्षेत्र के त्रिभुवन बीघा गांव के रहने वाले थे। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार और स्थानीय थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। घटनास्थल से चार खोखे बरामद किए गए हैं, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

प्राथमिक जांच में यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। विनोद प्रसाद फतुहा के नयका रोड स्थित अड्डा मकसूदपुर में अपने नाना द्वारा दी गई संपत्ति पर घर बनाकर रहते थे। बताया जाता है कि उनके नाना का कोई सीधा वारिस नहीं था, इसलिए उन्होंने करीब डेढ़ बीघा जमीन विनोद के नाम कर दी थी। इसी जमीन को लेकर लंबे समय से परिवार के भीतर विवाद चल रहा था।
मृतक के बेटे राजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके पिता के चचेरे मामा इस जमीन पर नजर गड़ाए हुए थे। राजीव का दावा है कि जमीन हड़पने की नीयत से ही उनके पिता की हत्या करवाई गई। उन्होंने कहा कि परिवार को पहले से आशंका थी कि इस विवाद के कारण कोई बड़ी घटना हो सकती है, लेकिन इस तरह की साजिश की उम्मीद नहीं थी।
परिजनों के मुताबिक, रविवार की सुबह विनोद प्रसाद रोज की तरह घर से चाय पीने के लिए निकले थे। आमतौर पर वह थोड़ी देर में वापस लौट आते थे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। तलाश शुरू की गई तो गांव के पास एक शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर जब परिजनों ने शव देखा तो वह विनोद प्रसाद का ही निकला। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह था। जमीन पर खून के धब्बे फैले हुए थे और मृतक के शरीर पर गोली लगने के गहरे निशान दिखाई दे रहे थे। पुलिस को मौके से चार खोखे मिले, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमलावरों ने एक से अधिक गोलियां चलाईं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी बुलाया गया है, ताकि वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जमीन विवाद के साथ-साथ अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन को लेकर परिवार के भीतर तनाव पहले से था। हालांकि मामला खुलकर सामने नहीं आया था, लेकिन आपसी खींचतान की चर्चा गांव में होती रहती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कब और कैसे रची गई तथा इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारण और गोली लगने की संख्या की पुष्टि होगी। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल नामजद आरोपित फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
इस घटना ने इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवाद के कारण हत्या जैसी घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। परिवार के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
विनोद प्रसाद अपने परिवार के साथ फतुहा में रहकर जीवनयापन कर रहे थे। जमीन उनके लिए सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा का आधार थी। लेकिन इसी जमीन ने उनके जीवन की डोर छीन ली। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और घर में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जमीन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद की जड़ क्या थी। साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल फतुहा में हुई इस हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन और संपत्ति के विवाद किस तरह रिश्तों को खत्म कर रहे हैं। पुलिस की जांच और गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। तब तक परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है और गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।







