अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल राजगीर में शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को उस समय सनसनी फैल गई जब दिगंबर जैन धर्मशाला के एक कमरे से चार लोगों के शव बरामद किए गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर वरीय पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम और तकनीकी विशेषज्ञों को तुरंत बुलाया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक सभी लोग बेंगलुरु के निवासी थे और राजगीर घूमने के उद्देश्य से यहां आए थे।

जानकारी के अनुसार, ये चारों व्यक्ति करीब एक सप्ताह पहले राजगीर पहुंचे थे। उन्होंने दिगंबर जैन धर्मशाला में एक कमरा बुक कराया था और वहीं ठहरे हुए थे। धर्मशाला प्रबंधन के मुताबिक, 31 जनवरी को चार लोगों ने यहां चेक-इन किया था। उन्होंने बताया था कि वे नेपाल से घूमते हुए राजगीर पहुंचे हैं और कुछ दिन यहां रुकने का इरादा है। हालांकि, पहचान के तौर पर केवल एक व्यक्ति ने ही अपना आधार कार्ड प्रस्तुत किया था। आधार कार्ड पर जीआर नाग प्रसाद नाम और बेंगलुरु का पता दर्ज था। अन्य तीन व्यक्तियों ने कोई पहचान पत्र जमा नहीं कराया था।
घटना का खुलासा तब हुआ जब शुक्रवार को कमरे से तेज बदबू आने लगी। धर्मशाला के कर्मचारियों को जब शक हुआ तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने पर दरवाजा तोड़ा गया और अंदर का दृश्य देख सभी स्तब्ध रह गए। कमरे के भीतर दो महिलाओं और दो पुरुषों के शव पाए गए। प्रारंभिक स्थिति देखकर अंदेशा जताया जा रहा है कि चारों ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है, हालांकि पुलिस ने इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
राजगीर थाना प्रभारी रमन कुमार ने बताया कि फिलहाल सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और हर पहलू से जांच की जा रही है। कमरे की स्थिति, वहां मौजूद सामान और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध परिस्थिति की जांच की जा सके।
धर्मशाला के प्रभारी मुकेश जैन ने बताया कि चारों लोग सामान्य तरीके से यहां ठहरे थे और उनके व्यवहार में कोई असामान्य बात नजर नहीं आई थी। उन्होंने कहा कि चेक-इन के समय केवल एक व्यक्ति ने पहचान पत्र दिखाया था, जिसे रजिस्टर में दर्ज कर लिया गया था। अन्य तीन लोगों ने यह कहकर पहचान पत्र नहीं दिया कि उनके पास उस समय उपलब्ध नहीं है। फिलहाल पुलिस ने धर्मशाला का रजिस्टर जब्त कर लिया है ताकि दर्ज नाम-पते के आधार पर मृतकों की पहचान और पृष्ठभूमि की पुष्टि की जा सके।
पुलिस धर्मशाला के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इन चारों ने अपने प्रवास के दौरान किसी से मुलाकात की थी या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कमरे में किसी प्रकार के संघर्ष या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत तो नहीं हैं। तकनीकी टीम मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी है ताकि घटना के पीछे की परिस्थितियों को समझा जा सके।
फिलहाल पुलिस इस मामले में ज्यादा जानकारी साझा करने से बच रही है, क्योंकि जांच प्रारंभिक चरण में है। हालांकि स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि यह सामूहिक आत्महत्या का मामला हो सकता है। यदि ऐसा है तो इसके पीछे की वजह क्या रही, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। चारों के बीच आपसी संबंध क्या थे, वे परिवार के सदस्य थे या मित्र, इस बारे में भी अभी तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
राजगीर जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले शहर में इस तरह की घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। पर्यटक स्थल होने के कारण यहां देश-विदेश से लोग आते हैं, ऐसे में सुरक्षा और पहचान प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। धर्मशाला प्रबंधन द्वारा सभी अतिथियों से पहचान पत्र लेने की अनिवार्यता पर भी चर्चा हो रही है।
पुलिस ने बेंगलुरु पुलिस से संपर्क साधने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि आधार कार्ड में दर्ज पते के आधार पर मृतकों के परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके। पहचान की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
फिलहाल राजगीर में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ की जा रही है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे तथ्यों की पुष्टि होगी, मामले की तस्वीर साफ होती जाएगी। तब तक यह घटना रहस्य बनी हुई है और पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है।







