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होली में बिहार आने वाले प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ीं; टिकट की कमी और भीड़ से परेशान

January 31, 20261 Mins Read
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बिहार में होली का पर्व करीब है, लेकिन इस बार प्रदेश लौटने वाले प्रवासियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। 4 मार्च को राज्य में होली मनाई जाएगी, और इसके मद्देनजर देश के विभिन्न शहरों से बिहार आने वाली ट्रेनों में पहले ही सीटें पूरी तरह से भर चुकी हैं। दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, बेंगलुरु और सिकंदराबाद जैसे बड़े शहरों से आने वाली यात्री गाड़ियों में कंफर्म टिकट का अभाव यात्रियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

विशेष रूप से प्रवासी मजदूर और आम लोग, जो महंगे विकल्पों या निजी वाहनों का सहारा नहीं ले सकते, इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हैं। उनके लिए रेल यात्रा ही एकमात्र सुरक्षित और किफायती माध्यम है। हालांकि, इस बार कई ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता बेहद सीमित है। जिन ट्रेनों में अभी भी बुकिंग हो रही है, उनमें वेटिंग संख्या सौ के पार जा चुकी है। ऐसे में लाखों प्रवासियों की होली घर पर मनाने की योजना ध्वस्त होने का खतरा बन गई है।

रेलवे के अनुसार 25 फरवरी से 3 मार्च के बीच बिहार आने वाली अधिकांश ट्रेनों के कंफर्म टिकट बुकिंग काउंटर खुलते ही कुछ ही घंटों में भर गए। यह स्थिति न केवल आने वाले यात्रियों के लिए, बल्कि लौटने वाले प्रवासियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण है। 5 से 10 मार्च के बीच की यात्रा के लिए ही अब वेटिंग टिकट मिल रहे हैं। फिलहाल रेलवे ने होली के लिए कोई स्पेशल ट्रेन घोषणा नहीं की है, जिससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई है।

कुछ प्रमुख ट्रेनों की बात करें तो 12310 तेजस राजधानी एक्सप्रेस, 12488 सीमांचल एक्सप्रेस, 12368 विक्रमशिला एक्सप्रेस, 12394 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, 15657 ब्रह्मपुत्र मेल, 12816 नंदनकानन एक्सप्रेस, 15910 अवध आसाम एक्सप्रेस जैसी गाड़ियों में 26 फरवरी से 3 मार्च तक कोई कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है। वहीं, होली के बाद लौटने वाले प्रवासी भी कुछ विशेष ट्रेनों में ही 10 मार्च के बाद कंफर्म टिकट हासिल कर पा रहे हैं। हालांकि तेजस राजधानी एक्सप्रेस में 4 मार्च से कंफर्म टिकट उपलब्ध है, लेकिन यह भी सभी यात्रियों के लिए पर्याप्त नहीं है।

तत्काल टिकट: अंतिम विकल्प

वहीं, जिन यात्रियों ने पहले टिकट बुक नहीं कराया या वेटिंग टिकट लिया था, उनके सामने तत्काल टिकट ही एकमात्र विकल्प बचा है। तत्काल टिकट सीमित संख्या में उपलब्ध होती है और सभी यात्रियों को मिल पाना मुश्किल है। पटना निवासी दीपक कुमार ने बताया कि उनके भाई को होली के दिन मुंबई से पटना आना है, लेकिन उन्हें अभी तक कंफर्म टिकट नहीं मिला। उनके अनुसार लोकमान्य तिलक स्टेशन से 126 वेटिंग के साथ टिकट बुक की गई है। दीपक ने कहा कि जैसे ही तत्काल टिकट काउंटर खुलेगा, वे पटना जंक्शन पर जाकर कंफर्म टिकट प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन माध्यम से भी टिकट बुक करने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल रेलवे ने कोई स्पेशल ट्रेन की घोषणा नहीं की है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है।

अधिक भीड़ और यात्रा में कठिनाई

बिहार में मुख्य त्योहारों—जैसे दीपावली, छठ और होली—के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी लोग घर लौटते हैं। ट्रेनों में काउंटर खुलते ही सभी लोग कंफर्म टिकट के लिए प्रयास करते हैं, लेकिन टिकट की कमी के कारण कई यात्री स्लीपर, जनरल और एसी कोच में जनरल टिकट लेकर यात्रा करने को मजबूर होते हैं। इससे रिजर्वेशन कराकर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी परेशानी होती है और भीड़ बढ़ जाती है।

रेल अधिकारियों के अनुसार, इस समय की यात्रा चुनौतीपूर्ण हो सकती है। लोग अधिक भीड़ और सीट न मिलने की स्थिति का सामना कर सकते हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और तत्काल टिकट और वेटिंग टिकट के विकल्प पर ध्यान दें।

प्रवासियों के लिए महंगी वैकल्पिक साधन

जहाँ साधन-संपन्न लोग निजी वाहनों या महंगे विकल्पों का सहारा लेकर किसी तरह घर पहुंचने की योजना बना सकते हैं, वहीं आम मजदूर और निम्न आय वर्ग का अधिकांश लोग केवल ट्रेनों पर निर्भर हैं। यही कारण है कि इस बार टिकटों की कमी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार प्रवासियों के लिए यात्रा कठिन होने की मुख्य वजह यही है कि रेलवे ने अभी तक होली स्पेशल ट्रेन का एलान नहीं किया है। यदि स्पेशल ट्रेन की घोषणा की जाती है, तो थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है।

यात्रियों को क्या करना चाहिए

यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे जितना संभव हो सके, यात्रा के लिए पहले से योजना बनाएं। तत्काल टिकट काउंटर खोलने के समय उन्हें जल्दी पहुंचने की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर टिकट की उपलब्धता की लगातार जांच करते रहें। जो लोग उच्च वेटिंग टिकट पर हैं, उन्हें विकल्प के रूप में स्पेशल ट्रेन या अन्य मार्गों पर ध्यान देना चाहिए।

पटना और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। रेलवे कर्मचारियों ने काउंटर पर भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की मदद के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया है। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में लोग एक साथ यात्रा कर रहे हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा है।

निष्कर्ष

इस साल बिहार में होली का पर्व प्रवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। टिकटों की कमी और भीड़ की स्थिति ने लाखों लोगों की यात्रा योजना को प्रभावित किया है। हालांकि तत्काल टिकट और संभावित स्पेशल ट्रेन से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन आम प्रवासियों के लिए यह पर्व कठिनाई और चिंता के साथ जुड़ा रहेगा। रेलवे प्रशासन की ओर से स्पेशल ट्रेन की घोषणा और बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता है ताकि पर्व पर सभी लोग सुरक्षित और समय पर अपने घर पहुंच सकें।

बिहार आने वाले प्रवासियों के लिए यह समय परीक्षा का समय है। उन्हें धैर्य रखना होगा और सभी उपलब्ध विकल्पों का सही तरीके से उपयोग करना होगा।

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