बिहार विधानसभा के बजट सत्र को लेकर हुई बैठक में राज्य के विधानसभा स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जताई और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं करने की चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के महत्व को देखते हुए अब से सभी वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के पदाधिकारी विधानसभा की समितियों की बैठकों में खुद शामिल होंगे।

स्पीकर की नाराजगी उस समय देखने को मिली जब बजट सत्र से पहले की तैयारी की बैठक में कई वरीय अधिकारियों की गैरमौजूदगी सामने आई। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी महत्वपूर्ण बैठक में उच्च स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधानसभा की समितियों की बैठकों में भी वरिष्ठ पदाधिकारी स्वयं उपस्थित हों और किसी को बैठक में प्रतिनिधि भेजने का विकल्प तभी मिले जब कोई विशेष परिस्थिति हो।
राज्य के संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने इस अवसर पर उपस्थित होकर भरोसा दिलाया कि सरकार विधानमंडल के प्रति अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के नोडल अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहें और यदि किसी अधिकारी को बैठक में शामिल होने में असमर्थता हो, तो वह अपने विभाग के वरीय पदाधिकारी को बैठक में शामिल होने के लिए प्राधिकृत करें। मंत्री चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की महत्वपूर्ण बैठकों में व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
इस बैठक में यह भी चर्चा हुई कि बिहार विधानसभा का बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू होने जा रहा है और 3 फरवरी को वित्तीय बजट पेश किया जाएगा। स्पीकर ने इस सत्र की तैयारी के मद्देनजर अधिकारियों से कहा कि सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह से दुरुस्त रखा जाए। उन्होंने सुरक्षा, ट्रैफिक, चिकित्सा, सफाई और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए पहले ही निर्देश जारी किए हैं और अब अधिकारियों की बैठक में उनकी अनुपस्थिति स्वीकार्य नहीं है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बजट सत्र के दौरान विधानसभा में लंबित कार्यों और सदस्यों द्वारा किए गए आवेदन, शिकायतों और निवेदनों का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। स्पीकर ने कहा कि राज्य के लोगों द्वारा विधानसभा में किए गए जनहित के आवेदन समय पर निपटाना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सदस्यों के सवाल, वित्तीय कार्य, गैर-सरकारी संकल्प और अन्य विधायी कार्यों को बिना विलंब के पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।
बजट सत्र के दौरान कुल 19 बैठकें आयोजित होंगी, जिनमें राजभाषा के अभिभाषण, वित्तीय कार्य, सदस्यों के सवाल-जवाब, गैर-सरकारी संकल्प, ध्यानाकर्षण और अन्य विधायी प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा। स्पीकर ने अधिकारियों से कहा कि इन सभी बैठकों में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त रखना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदस्यों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का शीघ्र निष्पादन किया जाना चाहिए।
बैठक में उपस्थित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। इनमें विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी, डीजीपी विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (विशेष) कुंदन कृष्णन, पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम और नगर आयुक्त यशपाल मीणा शामिल थे। सभी अधिकारियों ने स्पीकर के निर्देशों का पालन करने और आगामी बजट सत्र की तैयारियों को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने बैठक के दौरान अधिकारियों को याद दिलाया कि यह बजट सत्र काफी लंबा और महत्वपूर्ण होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सत्र में विधानसभा के समक्ष कई संवेदनशील और अहम मुद्दे आएंगे, इसलिए किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी रिपोर्टिंग प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाएं और किसी भी परिस्थिति में सदस्यों के सवाल या जनहित के मुद्दों का विलंब न हो।
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर उसका उचित स्थानापन्न सुनिश्चित किया जाएगा और केवल अत्यावश्यक मामलों को छोड़कर कोई भी अधिकारी बैठक में प्रतिनिधि भेजने का विकल्प नहीं अपनाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विधानसभा के सुरक्षा और व्यवस्था के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति का काम होगा कि बजट सत्र के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग, सफाई, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करना। इस समिति में वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शामिल होंगे और किसी भी आपात स्थिति में तत्परता बनाए रखेंगे।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को याद दिलाना और उन्हें सजग करना था कि विधानसभा का बजट सत्र राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही राज्य प्रशासन और जनता दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकती है। स्पीकर ने इस अवसर पर अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि भविष्य में किसी भी महत्वपूर्ण बैठक में उनका अनुपस्थित रहना स्वीकार्य नहीं होगा।
अंततः बैठक यह सुनिश्चित करने के लिए संपन्न हुई कि बजट सत्र के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलें और कोई भी कार्य विलंबित न हो। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे स्पीकर के निर्देशों का पालन करेंगे और भविष्य में किसी भी महत्वपूर्ण बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे।
इस प्रकार, बिहार विधानसभा के आगामी बजट सत्र के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने और प्रशासनिक लापरवाही से बचने के लिए यह बैठक निर्णायक और अहम साबित हुई। स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार की कड़ी चेतावनी ने सभी अधिकारियों को सचेत कर दिया है कि अब से विधानसभा की कार्यवाही में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







