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नवादा गणतंत्र दिवस झांकी हादसा: आग में 5 बच्चे झुलसे, परिजनों में भारी आक्रोश

January 27, 20260 Mins Read
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नवादा, 27 जनवरी 2026: बिहार के नवादा जिले में गणतंत्र दिवस के जश्न में मातम छा गया। 26 जनवरी की सुबह यहां एक निजी स्कूल की झांकी में आग लगने से पांच बच्चे झुलस गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और परिजन हड़कंप में हैं। घटना के समय बच्चों के साथ कई अन्य छात्र और शिक्षक भी मौजूद थे, लेकिन आग अचानक फैलने की वजह से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

  1. घटना वारिसलीगंज नगर परिषद क्षेत्र के सब्जी बाजार के पास हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झांकी में पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया था, जिससे आग फैल गई। अचानक लगी आग ने बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। पांचों बच्चे झुलस गए, जिनमें से एक बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर स्थिति में झुलसी बच्ची को उचित इलाज के लिए पावापुरी स्थित वीआईएमएस अस्पताल में रेफर किया गया है। अन्य घायल बच्चों को स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गयालापरवाही का आरोप:

    घटना के बाद बच्चों के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद स्कूल प्रबंधन मौके से भाग गया, जिससे स्थानीय लोगों को बच्चों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी। परिजन आक्रोशित हैं और उन्होंने जिलाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

    स्थानीय लोगों और उपस्थित दर्शकों ने बताया कि झांकी के दौरान अचानक धुएं और आग की लपटें उठीं। कुछ बच्चों ने तत्काल भागने की कोशिश की, लेकिन कुछ आग में फंस गए। घटना इतनी तेज थी कि मौके पर मौजूद शिक्षक और स्टाफ स्थिति को संभाल नहीं पाए। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया और घायल बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले गए।

    झांकी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी:

    जानकारी के अनुसार, यह झांकी निजी स्कूल द्वारा आयोजित की गई थी। आयोजकों ने पेट्रोल का इस्तेमाल कर झांकी को और आकर्षक बनाने की कोशिश की थी, लेकिन इससे सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी हुई। ऐसे में बच्चों और दर्शकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। इस हादसे ने एक बार फिर से गणतंत्र दिवस और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, पेट्रोल या अन्य ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल बच्चों के साथ किसी भी कार्यक्रम में करना बेहद खतरनाक है। ऐसे आयोजनों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना जरूरी होता है। आग बुझाने के यंत्र और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था न होना इस हादसे की गंभीरता को और बढ़ा देता है।

    परिजनों का दर्द और आक्रोश:

    घटना के बाद बच्चों के परिजनों का गुस्सा और चिंता दोनों ही बढ़ गए हैं। कई परिजनों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही ने उनके बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन से घटना की गंभीर जांच करने और जिम्मेदारों को सजा दिलाने की मांग की। परिजन यह भी चाहते हैं कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सख्त नियम और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएं।

    स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया:

    घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गए। घायल बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और झांकी के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया है।

    देशभर में गणतंत्र दिवस की तैयारी और हादसों की चेतावनी:

    गणतंत्र दिवस हर साल पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान इस दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों का आयोजन करते हैं। हालांकि, हर साल ऐसे हादसों की घटनाएँ सामने आती रहती हैं, जिसमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही से गंभीर परिणाम सामने आते हैं। नवादा की यह घटना एक चेतावनी है कि आयोजक सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही न करें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल और संस्थान अपने आयोजनों में आग लगने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाएं। बच्चों को आग और अन्य आपदाओं से बचाने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ, आग बुझाने के यंत्र, और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था होना अनिवार्य है।

    समुदाय और मीडिया की भूमिका:

    इस घटना ने स्थानीय समुदाय और मीडिया की भूमिका को भी उजागर किया। स्थानीय लोगों ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से बच्चों को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाया। मीडिया ने इस घटना को व्यापक रूप से कवर किया, जिससे घटना की गंभीरता और लापरवाही सामने आई।

    निष्कर्ष:

    नवादा में गणतंत्र दिवस पर हुए इस झांकी हादसे ने पूरे जिले में मातम फैला दिया है। पांच बच्चे झुलसे, जिनमें एक की हालत गंभीर है। परिजन स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर आक्रोशित हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन यह हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीर चेतावनी भी है। भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए आयोजनकर्ताओं को अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनने की जरूरत है।

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