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किशनगंज में अंतरराष्ट्रीय ऊंट तस्करी का बड़ा खुलासा, तीन तस्कर गिरफ्तार, 12 ऊंट जब्त

January 19, 20261 Mins Read
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किशनगंज पुलिस ने एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय ऊंट तस्करी का पर्दाफाश करते हुए 12 ऊंट बरामद किए हैं और इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 18 जनवरी 2026 को कोचाधामन थाना क्षेत्र में की गई, जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि किशनगंज की ओर जाने वाली सड़क के रास्ते अवैध रूप से ऊंटों की तस्करी की जा रही है।

सूचना मिलने के बाद कोचाधामन थानाध्यक्ष के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस ने हांडीभाषा मौधो पक्की सड़क पर सघन वाहन चेकिंग शुरू की। चेकिंग के दौरान यूपी नंबर UP12CT6052 वाला एक ट्रक पुलिस की पकड़ में आया। चालक ने ट्रक खाली होने का दावा किया, लेकिन पुलिस को शक हुआ और ट्रक की तलाशी ली गई।

तलाशी में ट्रक के अंदर तंग परिस्थितियों में बंद 12 ऊंट बरामद हुए। पुलिस ने तुरंत ट्रक को जब्त कर लिया। मौके से तीन मोबाइल फोन भी मिले, जो संभवतः तस्करी नेटवर्क के संपर्क साधने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

प्रारंभिक जांच और सुराग

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह एक अंतरराष्ट्रीय ऊंट तस्करी का मामला हो सकता है। जांच अधिकारियों का अनुमान है कि इन ऊंटों को पड़ोसी देश भेजा जाना था। पुलिस का कहना है कि इस मामले के पीछे एक संगठित तस्करी गिरोह सक्रिय हो सकता है।

गिरफ्तार किए गए लोग अमजद, हासीम और मोहम्मद सोयेब हैं। तीनों उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। उनका ट्रक और मोबाइल फोन पुलिस ने जब्त कर लिया है। कोचाधामन थाना में इस मामले में केस नंबर 27/2026 दर्ज किया गया है और जांच अधिकारियों ने इसे उच्च प्राथमिकता का मामला बताया है।

एसपी किशनगंज संतोष कुमार ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि तस्करों के संपर्क और नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। उनका कहना था कि किशनगंज क्षेत्र में पहले भी बकरीद जैसे त्योहारों के समय ऊंट तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार की कार्रवाई को विशेष सफलता माना जा रहा है।

तस्करी का तरीका और ट्रक की स्थिति

पुलिस ने बताया कि ट्रक में ऊंटों को बेहद तंग हालत में रखा गया था। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि तस्कर किसी भी हाल में ऊंटों को सीमा पार भेजना चाहते थे, भले ही जानवरों की सुरक्षा खतरे में पड़ती। तस्करों के इस कृत्य से ऊंटों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था।

इस तरह की अंतरराष्ट्रीय तस्करी में अक्सर ऊंटों को बड़ी संख्या में सीमापार ले जाया जाता है। ऐसे मामलों में तस्करों का नेटवर्क बहुत ही गहरा और संगठित होता है। ऊंटों की तस्करी का मकसद अक्सर पड़ोसी देशों में व्यापार, मेला या अन्य अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है।

पुलिस की सघन जांच

एसपी संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। उन्होंने कहा कि तस्करी में शामिल अन्य साथी और गुप्त संपर्कों की पहचान करना प्राथमिकता है। पुलिस इस मामले को केवल स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीरता से देख रही है।

जांच के दौरान, पुलिस ट्रक चालक और गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर रही है ताकि ऊंटों की वास्तविक संख्या, तस्करी का मार्ग और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। एसपी ने यह भी कहा कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्य भी पकड़ में आ सकते हैं।

स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा के कदम

किशनगंज प्रशासन ने कहा कि इस मामले के बाद सीमा सुरक्षा और स्थानीय पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है। सड़क और सीमा क्षेत्रों पर सघन चेकिंग के माध्यम से ऐसे अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि तस्करी की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।

एसपी ने नागरिकों से अपील की कि अगर उन्हें किसी संदिग्ध ट्रक या वाहनों के बारे में जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह कार्रवाई भविष्य में तस्करी जैसी घटनाओं को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।

तस्करी का अंतरराष्ट्रीय पहलू

अंतरराष्ट्रीय ऊंट तस्करी के मामलों में तस्कर अक्सर सीमा पार व्यापार या अवैध गतिविधियों के लिए ऊंटों का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह के नेटवर्क में शामिल लोग जानवरों की सुरक्षा की परवाह नहीं करते हैं और केवल आर्थिक लाभ के लिए इन्हें तंग परिस्थितियों में रखते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की तस्करी न केवल जानवरों के लिए खतरनाक है बल्कि यह स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का भी उल्लंघन करती है। ऐसे मामलों में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त जांच अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

निष्कर्ष

किशनगंज पुलिस की इस कार्रवाई को बड़े स्तर पर सफलता माना जा रहा है। तीन तस्कर गिरफ्तार हुए हैं और 12 ऊंट सुरक्षित हैं। पुलिस की जांच जारी है और संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।

इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी के मामलों में सतर्कता और गुप्त सूचना कितनी अहम भूमिका निभाती है। किशनगंज पुलिस की इस तेज कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता सामने आई है।

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