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पटना

बिहार में शादी का रजिस्ट्रेशन हुआ आसान, दूल्हा-दुल्हन को अब कागज जमा कराने की झंझट नहीं

January 17, 20261 Mins Read
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पटना। बिहार में विवाह निबंधन अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी हो गया है। राज्य के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने निर्देश दिए हैं कि शादी के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए दूल्हा-दुल्हन को अब भौतिक रूप में कागजात जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इसका मतलब यह है कि जोड़े घर बैठे ही अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

ऑनलाइन विवाह निबंधन: कागजात की बाध्यता खत्म

पहले दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवार को कई तरह के पहचान पत्र, निवास प्रमाण और फोटो समेत अन्य दस्तावेज़ निबंधन कार्यालय में जमा कराना पड़ते थे। इसके चलते कई बार जोड़ों को घंटों इंतजार करना पड़ता था और कार्यालयों में लंबा समय लग जाता था। अब विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन आवेदन प्रणाली का उद्देश्य ही कार्यों को त्वरित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है।

विभाग के सचिव अजय यादव ने राज्य के सभी जिला अवर निबंधक और कार्यालयों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी ऑनलाइन आवेदनकर्ता से भौतिक दस्तावेज की मांग न की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवेदन पर तुरंत कार्रवाई नहीं होती या आवेदन को लंबित कर दिया जाता है, तो यह नियमों का उल्लंघन है और इससे जोड़े को अनावश्यक परेशानी होती है।

आवेदन प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन

जोड़े अब घर बैठे ही https://enibandhan.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय 100 रुपये का शुल्क देना होगा और प्रमाण पत्र जारी होने पर 350 रुपये का भुगतान करना होगा। कुल शुल्क लगभग 450 रुपये होता है।

आवेदक खुद ही अपॉइंटमेंट की तारीख, समय और नजदीकी निबंधन कार्यालय चुन सकते हैं। अपॉइंटमेंट के दिन दूल्हा-दुल्हन को तीन गवाहों के साथ कार्यालय में जाना होगा, जहां उनकी फोटो ली जाएगी और शादी का प्रमाण पत्र तुरंत जारी कर दिया जाएगा।

कानूनी सुरक्षा के साथ सुविधाजनक रजिस्ट्रेशन

विवाह का पंजीकरण कराने से जोड़े को कानूनी सुरक्षा मिलती है। यह सुविधा सभी धर्मों के लिए लागू है, चाहे वे समान धर्म के हों या अंतरधार्मिक विवाह कर रहे हों। 2023 और 2024 में राज्य में कुल 18,465 विवाह विशेष विवाह अधिनियम के तहत पंजीकृत हुए। इनमें 2023 में 9,493 और 2024 में 8,972 विवाह शामिल हैं।

विभाग ने यह भी बताया कि इन वर्षों में कुल 5,693 विवाह प्रमाणपत्र जारी किए गए। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया से न केवल कार्यालयों में भीड़ कम होगी, बल्कि जोड़ों को समय और मेहनत की बचत भी होगी।

एसएमएस अलर्ट और आवेदन ट्रैकिंग

ऑनलाइन प्रणाली में प्रत्येक कदम पर आवेदकों को एसएमएस अलर्ट के जरिए सूचना दी जाती है। साथ ही वे अपनी आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देख सकते हैं। इससे जोड़ों को यह पता रहता है कि उनका आवेदन कब प्रक्रिया में है और कब प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

निष्कर्ष

बिहार सरकार की यह पहल विवाह निबंधन को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अब दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवार को बार-बार कार्यालयों में जाकर दस्तावेज जमा कराने की जरूरत नहीं है। यह कदम न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया को तेज करेगा, बल्कि जोड़ों को कानूनी सुरक्षा भी प्रदान करेगा।

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