पटना के मनेर थाना क्षेत्र में पुलिस और लूटकांड में शामिल अपराधियों के बीच गंगा नदी किनारे हुई भीषण मुठभेड़ में एक बदमाश घायल हो गया, जबकि दो अन्य मौके से फरार हो गए। घटना गणपति ज्वेलर्स लूटकांड के संदिग्धों की गिरफ्तारी के दौरान हुई।

घटना छह दिन पहले बस्ती रोड स्थित गणपति ज्वेलर्स में हुई लूट से जुड़ी है। 9 जनवरी को ज्वेलर्स के मालिक संजय सोनी पर अपराधियों ने गोली चलाकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उस वारदात के बाद तीनों अपराधी अपनी बाइक छोड़कर फरार हो गए थे। जांच में यह पता चला कि बाइक चोरी की हुई थी और इसका इस्तेमाल लूट में किया गया।
पुलिस की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी गंगा नदी किनारे छिपे हैं। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर मनेर थाना अध्यक्ष रजनीश कुमार के नेतृत्व में टीम ने रतन टोला–सादिकपुर इलाके में दबिश दी। जैसे ही अपराधियों ने पुलिस को देखा, उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में नीतीश कुमार, जो सुअर मरवा पंचायत के चौरासी गांव के निवासी सुभाष राय के पुत्र हैं, पैर में गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
मुठभेड़ के दौरान मनेर थाना अध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद फरार हुए दो अन्य आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
घटना स्थल पर तुरंत पहुंचे पटना पश्चिमी सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह और दानापुर डीएसपी-2 अमरेंद्र कुमार झा ने स्थिति का जायजा लिया। थाना अध्यक्ष रजनीश कुमार ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चल रहा है और किसी भी कीमत पर फरार आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
इस मामले में पुलिस की तत्परता और तेज कार्रवाई से यह साफ हुआ कि अपराधियों को बचने का मौका नहीं दिया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर राहत की भावना भी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी पहलुओं को उजागर करने का प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि इस लूटकांड में तीनों अपराधियों ने पहले ज्वेलर्स मालिक पर गोली चला कर गंभीर चोट पहुंचाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुठभेड़ में घायल आरोपी के अलावा दो अन्य की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
इस मुठभेड़ ने यह भी दिखा दिया कि पुलिस और अपराधियों के बीच संघर्ष में सतर्कता और प्रशिक्षण कितना महत्वपूर्ण होता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।







