बिहार के नवादा जिले से साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने लोगों को ऐसा लालच दिया जिसे सुनकर कोई भी चौंक जाए। गिरोह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को यह झांसा दे रहा था कि अगर वे नि:संतान महिलाओं को गर्भवती करते हैं तो उन्हें 10 लाख रुपये तक की मोटी रकम दी जाएगी।

हकीकत में यह पूरा मामला फर्जी नौकरी और आसान कमाई के नाम पर की जा रही ऑनलाइन ठगी निकला।
SIT की जांच में हुआ बड़ा खुलासा
नवादा पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की गहन जांच की। जांच के बाद हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवा गांव निवासी रंजन कुमार (पिता – सुखदेव प्रसाद) को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग आरोपी को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के नेटवर्क को चलाने में किया जा रहा था। इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 03/26 (दिनांक 7 जनवरी) के तहत बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
फर्जी कंपनियों के नाम पर फैलाया ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार आरोपी आकर्षक और भरोसेमंद नामों से फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों को फंसाते थे। इनमें
धनी फाइनेंस, CBI सस्ते लोन, ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब और प्लेबॉय सर्विस जैसे नाम शामिल हैं।
इन नामों से फेसबुक और व्हाट्सएप पर विज्ञापन चलाकर लोगों को संपर्क करने के लिए उकसाया जाता था।
कैसे बनते थे लोग शिकार?
ठग पहले लोगों को मोटी कमाई का सपना दिखाते थे। दावा किया जाता था कि काम पूरा होने पर 10 लाख रुपये मिलेंगे और असफलता की स्थिति में भी आधी रकम दी जाएगी। भरोसा जमाने के लिए मॉडल जैसी महिलाओं की फर्जी तस्वीरें भेजी जाती थीं।
इसके बाद अलग-अलग बहानों से पैसे ऐंठे जाते थे, जैसे—
रजिस्ट्रेशन फीस
होटल बुकिंग चार्ज
मेडिकल खर्च
प्रोसेसिंग फीस
यह सिलसिला तब तक चलता रहता था, जब तक पीड़ित को ठगी का अहसास न हो जाए।
शर्म और बदनामी बनी ठगों की ताकत
पुलिस का कहना है कि कई लोग इस गिरोह का शिकार हुए, लेकिन सामाजिक बदनामी और शर्म के डर से उन्होंने शिकायत नहीं की। इसी चुप्पी का फायदा उठाकर ठग लंबे समय तक सक्रिय रहे।
पुलिस की चेतावनी और अपील
नवादा साइबर थाना प्रभारी एवं डीएसपी निशु मल्लिक ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले अजीब, असामान्य और अत्यधिक लालच वाले ऑफर से सतर्क रहें।
सस्ती नौकरी, आसान पैसा या अविश्वसनीय दावे अक्सर साइबर ठगी का जाल होते हैं।







