बिहार की राजधानी में बहुप्रतीक्षित पटना मेट्रो परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन ने फायर सेफ्टी ऑडिट सफलतापूर्वक पास कर लिया है, जिससे पहले चरण के परिचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है। न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक प्रस्तावित मेट्रो सेवा शुरू करने की दिशा में यह उपलब्धि बेहद अहम मानी जा रही है। अब परियोजना अंतिम प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी की ओर बढ़ रही है।

सुरक्षा जांच में मिली हरी झंडी
बुधवार को बिहार अग्निशमन सेवा के निदेशक के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने मलाही पकड़ी स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। यह निरीक्षण स्टेशन को अनिवार्य ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) देने के उद्देश्य से किया गया था। किसी भी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के लिए फायर सेफ्टी क्लीयरेंस अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
निरीक्षण के दौरान टीम ने स्टेशन परिसर के सभी प्रमुख सुरक्षा तंत्रों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने पुष्टि की कि स्टेशन पर लगाए गए सभी अग्नि सुरक्षा उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। सुरक्षा मानकों पर खरा उतरना इस परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि स्टेशन परिचालन के लिए लगभग तैयार है।
धुआं पहचान और आपात निकासी व्यवस्था की जांच
ऑडिट के दौरान धुआं पहचान प्रणाली (Smoke Detection System) का परीक्षण किया गया। यह प्रणाली आग लगने की स्थिति में तुरंत अलार्म बजाकर कर्मचारियों और यात्रियों को सतर्क करती है। इसके अलावा फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम और हाइड्रेंट लाइन की भी जांच की गई।
आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बनाए गए निकास मार्गों (Emergency Exit Routes) का ट्रायल भी किया गया। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि सभी एग्जिट पॉइंट स्पष्ट रूप से चिह्नित हों और किसी भी प्रकार की बाधा से मुक्त हों। निकासी योजना (Evacuation Plan) का भी अभ्यास किया गया, ताकि आपात स्थिति में कम से कम समय में यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
विद्युत सुरक्षा पर विशेष ध्यान
मेट्रो स्टेशन पर विद्युत प्रणाली सबसे संवेदनशील हिस्सों में से एक होती है। इसलिए निरीक्षण टीम ने सभी इलेक्ट्रिकल पैनल, वायरिंग सिस्टम और बैकअप पावर सप्लाई का सत्यापन किया। शॉर्ट सर्किट या ओवरलोड जैसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया गया है या नहीं, इसकी जांच की गई।
अधिकारियों ने बताया कि सभी उपकरणों के विनिर्देश (Specifications) निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पाए गए। इससे यह भरोसा बढ़ा है कि स्टेशन तकनीकी दृष्टि से सुरक्षित और सुदृढ़ है।
स्टेशन के हर हिस्से का निरीक्षण
सुरक्षा टीम ने मलाही पकड़ी स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों से लेकर पंप रूम, ग्राउंड फ्लोर, कॉनकोर्स लेवल और प्लेटफॉर्म लेवल तक का निरीक्षण किया। पंप रूम में लगाए गए अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच की गई, ताकि आग लगने की स्थिति में तुरंत पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
प्लेटफॉर्म स्तर पर भी सुरक्षा संकेतों, अग्निशमन यंत्रों और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति देखी गई। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।
पीएमआरसीएल और डीएमआरसी की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान परियोजना से जुड़े अधिकारियों की भी मौजूदगी रही। पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PMRCL) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के प्रतिनिधियों ने निरीक्षण टीम को सभी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, फायर सेफ्टी ऑडिट में सफलता यह दर्शाती है कि निर्माण और तकनीकी प्रक्रियाएं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की गई हैं।
सीएमआरएस निरीक्षण की तैयारी
फायर सेफ्टी एनओसी मिलने के बाद अब अगला और अंतिम महत्वपूर्ण चरण रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CMRS) का निरीक्षण होगा। रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण में ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रेन संचालन और यात्री सुविधाओं का परीक्षण किया जाएगा। सीएमआरएस की अनुमति के बाद ही स्टेशन को आम जनता के लिए खोला जा सकेगा।
परियोजना प्रबंधन का कहना है कि सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जल्द ही सीएमआरएस निरीक्षण की तारीख तय की जाएगी।
मलाही पकड़ी से बस टर्मिनल तक सफर
मलाही पकड़ी से भूतनाथ और जीरो माइल होते हुए न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना है। इस रूट के चालू होने से शहर के पूर्वी हिस्से को बड़ी राहत मिलेगी। रोजाना हजारों यात्री जाम की समस्या से जूझते हैं, ऐसे में मेट्रो सेवा उनके लिए तेज, सुरक्षित और आरामदायक विकल्प साबित होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो के शुरू होने से ट्रैफिक दबाव कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
यात्रियों को मिलेगा विश्वस्तरीय अनुभव
मेट्रो प्रशासन का लक्ष्य है कि पटना के लोगों को विश्वस्तरीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए। स्टेशन परिसर में स्वचालित टिकटिंग सिस्टम, एस्केलेटर, लिफ्ट और आधुनिक सुरक्षा तंत्र स्थापित किए गए हैं। दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मलाही पकड़ी स्टेशन के फायर सेफ्टी ऑडिट में सफल होने के बाद यह उम्मीद और मजबूत हो गई है कि जल्द ही पटना मेट्रो का यह हिस्सा यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। शहरवासियों के लिए यह केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि आधुनिक और विकसित पटना की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।
अब सबकी नजरें सीएमआरएस निरीक्षण और अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, मलाही पकड़ी स्टेशन से मेट्रो के पहिए घूमने लगेंगे और राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन का एक नया अध्याय शुरू होगा।







