राजधानी पटना में स्थित शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब और पेचीदा होता जा रहा है। एक ओर जहां केंद्रीय एजेंसी जांच में जुटी है, वहीं दूसरी ओर मृतका के परिवार को मिल रही लगातार धमकियों ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है। ताजा घटनाक्रम में परिवार को दूसरी बार धमकी भरा पर्चा मिला है, जिसमें सीधे तौर पर बेटे की हत्या की चेतावनी दी गई है।

खौफ भरा संदेश, परिवार में दहशत
परिजनों के मुताबिक, शनिवार के बाद अब दोबारा उनके घर के अंदर एक पर्चा फेंका गया, जिस पर लिखा था—“बेटी तो गई, अब बेटा भी दो दिन में मरेगा।” इससे पहले भी किचन की खिड़की पर एक चेतावनी भरा संदेश मिला था, जिसमें परिवार को चुप रहने की धमकी दी गई थी। लगातार मिल रही इन धमकियों ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है।
मृतका के पिता ने बताया कि घर पर दिन में चौकीदार तैनात रहता है और बाहर पुलिस बल की भी मौजूदगी है। इसके बावजूद घर के अंदर पर्चा फेंका जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि पहली धमकी की जानकारी उन्होंने स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसी को दे दी थी, लेकिन इसके बाद भी दोबारा ऐसी घटना होना बेहद चिंताजनक है।
सीबीआई की टीम ने की लंबी पूछताछ
मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथ में है। मंगलवार शाम करीब तीन बजे एजेंसी की पांच सदस्यीय टीम छात्रा के पैतृक गांव पहुंची। जांच अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से अलग-अलग कमरों में बैठाकर पूछताछ की। यह प्रक्रिया करीब साढ़े चार घंटे तक चली।
पूछताछ के दौरान एजेंसी ने कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। छात्रा की हालिया गतिविधियां, उसके व्यवहार में आए बदलाव, मौत से पहले परिवार के साथ हुई बातचीत और हॉस्टल में रहने के दौरान उसने किन-किन समस्याओं का जिक्र किया था—इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से सवाल किए गए।
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम यह भी जानना चाहती है कि क्या छात्रा किसी मानसिक दबाव में थी, या फिर किसी बाहरी व्यक्ति का उस पर प्रभाव था। परिजनों से यह भी पूछा गया कि क्या छात्रा ने हाल के दिनों में किसी विवाद, धमकी या असहज घटना का जिक्र किया था।
भाई का मोबाइल जब्त, डिजिटल जांच शुरू
जांच के क्रम में एजेंसी ने मृतका के भाई का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। माना जा रहा है कि फोन की फॉरेंसिक जांच कर कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मैसेज, सोशल मीडिया गतिविधि और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जाएगा। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या छात्रा की मौत के पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।
डिजिटल साक्ष्य इस केस में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि क्या छात्रा के मोबाइल या परिवार के किसी सदस्य के फोन पर संदिग्ध कॉल या मैसेज आए थे। यदि ऐसा कुछ मिलता है तो जांच की दिशा पूरी तरह बदल सकती है।
शुरुआती घटनाक्रम
घटना की शुरुआत 6 जनवरी को हुई, जब छात्रा को हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में पाया गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआत में स्थानीय पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही थी। हालांकि बाद में जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने इस थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए।
राज्य पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में छात्रा के कपड़ों से पुरुष के वीर्य के नमूने मिलने की बात सामने आई। इस खुलासे ने दुष्कर्म और हत्या की आशंका को बल दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी।
हॉस्टल में भी हुई पूछताछ
सीबीआई की टीम इससे पहले पटना स्थित शम्भू गर्ल्स हॉस्टल भी पहुंच चुकी है। वहां हॉस्टल संचालक, कर्मचारियों और अन्य छात्राओं के बयान दर्ज किए गए। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन छात्रा की गतिविधियां क्या थीं, वह किससे मिली थी और क्या किसी ने कुछ संदिग्ध देखा या सुना था।
हॉस्टल के सुरक्षा इंतजाम, सीसीटीवी फुटेज और विजिटर रजिस्टर की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी पहलू नजरअंदाज न हो।
सुरक्षा पर उठते सवाल
परिवार को मिल रही धमकियों ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। यदि जांच के दौरान परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश हो रही है, तो यह किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर सकता है। परिजन लगातार सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब पुलिस की मौजूदगी के बावजूद घर के अंदर पर्चा फेंका जा सकता है, तो यह सुरक्षा में गंभीर चूक है।
न्याय की आस
करीब रात 8:45 बजे पूछताछ पूरी कर सीबीआई टीम पटना के लिए रवाना हो गई। परिवार ने जांच एजेंसी पर भरोसा जताया है और कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी। उनकी मांग है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और उनकी बेटी को न्याय मिले।
यह मामला केवल एक छात्रा की मौत का नहीं, बल्कि उन तमाम छात्रों की सुरक्षा का भी सवाल है जो बड़े शहरों में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। फिलहाल जांच जारी है, डीएनए सैंपल और डिजिटल साक्ष्यों की रिपोर्ट का इंतजार है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस रहस्यमयी मौत की परतें खुलने की उम्मीद है।







