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पटना

NH-30 पर भीषण हादसा: 21 वर्षीय युवक की मौत, दो की हालत नाजुक

February 14, 20261 Mins Read
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पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सोमवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार बाइक और ऑटो की आमने-सामने टक्कर में 21 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी और कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।

जानकारी के अनुसार, मनेर थाना क्षेत्र के माधोपुर फातमा गांव निवासी सत्य राय का पुत्र बृजेश कुमार अपने दो दोस्तों बिट्टू कुमार और सचिन कुमार के साथ बाइक से बिहटा की ओर जा रहा था। तीनों युवक किसी निजी काम से निकले थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइक की रफ्तार काफी तेज थी। जैसे ही वे आनंदपुर हाई स्कूल के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पहुंचे, सामने से आ रहे एक ऑटो से उनकी बाइक की सीधी टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर जा गिरे। बृजेश कुमार को गंभीर सिर की चोट लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बिट्टू और सचिन गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पते रहे। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तत्काल पास के अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

घायलों को पहले बिहटा स्थित ईएसआईसी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। सूत्रों के मुताबिक दोनों युवकों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और वे आईसीयू में भर्ती हैं।

घटना की सूचना मिलते ही बिहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल दानापुर भेज दिया। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ऑटो को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि हादसे के समय दोनों वाहनों की गति कितनी थी और क्या किसी चालक की लापरवाही इसकी वजह बनी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एनएच-30 पर वाहनों की रफ्तार अक्सर अधिक रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आनंदपुर हाई स्कूल के पास अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, क्योंकि यहां सड़क पर अचानक मोड़ है और यातायात नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस इलाके में स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है।

हादसे की खबर जैसे ही माधोपुर फातमा गांव पहुंची, वहां शोक की लहर दौड़ गई। बृजेश कुमार की मौत की खबर सुनकर उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि बृजेश परिवार का होनहार और जिम्मेदार बेटा था। उसकी असमय मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।

परिजनों ने बताया कि सुबह वह सामान्य रूप से घर से निकला था और किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी आखिरी यात्रा साबित होगी। गांव में हर तरफ मातम पसरा हुआ है। लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। यदि किसी चालक की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे तेज रफ्तार से वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में तेज रफ्तार बाइक चलाने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है, जो अक्सर जानलेवा साबित होती है। सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता और सख्ती दोनों की आवश्यकता है। हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपायों का पालन दुर्घटना की स्थिति में जान बचाने में मदद कर सकता है।

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। एनएच-30 जैसे व्यस्त मार्गों पर यातायात नियंत्रण और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त और स्पीड मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायलों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जा रही है। पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। एक युवा जिंदगी सड़क पर खत्म हो गई, जबकि दो अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। यह घटना सभी के लिए एक चेतावनी है कि सड़क पर लापरवाही का परिणाम कितना भयावह हो सकता है।

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