पटना। मालसलामी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में लगभग 80 लाख रुपये कीमत के प्रतिबंधित कफ सिरप की बरामदगी की है। इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की। यह घटना छोटी नगला और आदर्श कॉलोनी इलाके में हुई, जहाँ पुलिस ने छापेमारी कर पांच पिकअप वैन और एक टाटा 407 वाहन को जब्त किया। इन वाहनों में कुल 289 कार्टन में रखे 4485 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद हुए हैं।

मालसलामी पुलिस ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि यह छापेमारी मालसलामी थानाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में डीएसपी डॉ. गौरव कुमार की निगरानी में की गई। छापेमारी की योजना एक गुप्त सूचना के आधार पर बनाई गई थी। डीएसपी डॉ. गौरव कुमार ने बताया कि टीम ने इलाके में वाहनों की जांच की और गुप्त सूचना के आधार पर संदिग्ध वाहनों को रोका। तलाशी के दौरान इन वाहनों में प्रतिबंधित कफ सिरप पाए जाने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में जिन वाहनों को जब्त किया गया, उनमें कुल 289 कार्टन थे, जिनमें 4485 लीटर कफ सिरप रखा गया था। इस कफ सिरप की अनुमानित कीमत लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है। यह मामला बड़ी तादाद में प्रतिबंधित दवा के तस्करी का प्रतीक है, जिससे कानून व्यवस्था की दृष्टि से गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इस प्रकार की गई है:
मो. सागिर, निवासी रोहतारा थाना, कटिहार
मो. रहीम, निवासी रोहतारा थाना, कटिहार
मिथिलेश कुमार, निवासी भटराहा थाना, कहरा, सहरसा
मुकेश कुमार, निवासी राघोपुर मोहनपुर, वैशाली
गुडडू कुमार उर्फ डूड्डू कुमार
सूर्य प्रकाश उर्फ गन्नी, निवासी काजीपुर नया टोला, कदमकुआं
डीएसपी डॉ. गौरव कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि आरोपी हिमाचल प्रदेश से यह प्रतिबंधित कफ सिरप लेकर कटिहार जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि मुकेश कुमार के खिलाफ पहले से कटिहार के कोढ़ा थाने में मामला दर्ज है, जबकि सूर्य प्रकाश उर्फ गन्नी के खिलाफ भालपट्टी दरभंगा में एनडीपीसी एक्ट के तहत पहले से ही मामला दर्ज था।
इस गिरफ्तारी से यह भी स्पष्ट होता है कि प्रतिबंधित दवा की तस्करी में कई राज्यों के गिरोह शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश से बिहार तक का यह नेटवर्क बेहद संगठित है। डीएसपी ने कहा कि यह सिर्फ एक बड़ा पकड़ा गया मामला है और पुलिस लगातार ऐसे अपराधों पर नजर बनाए हुए है।
मालसलामी थाने के अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई आम नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। प्रतिबंधित दवाओं का अवैध रूप से व्यापार करना गंभीर अपराध है, क्योंकि इसका गलत इस्तेमाल लोगों के जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम ने कई महीनों की गुप्त जांच के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
डीएसपी ने आगे कहा कि इस मामले में पकड़े गए आरोपितों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इस दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद इस नेटवर्क के अन्य सदस्य भी सामने आएंगे।
विशेष रूप से, यह मामला यह दिखाता है कि किस तरह प्रतिबंधित दवा का अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर हो रहा है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस सिर्फ वाहनों और सामग्री को जब्त नहीं कर रही है, बल्कि पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद है।
गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ स्थानीय थानों में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने कहा कि इस मामले में जांच के दौरान अन्य स्थानों की भी तलाशी ली जा सकती है, ताकि और आरोपी पकड़ में आएं।
यह कार्रवाई राज्य में दवा तस्करी और प्रतिबंधित पदार्थों की बढ़ती समस्या पर सरकार और पुलिस की गंभीर दृष्टि को दर्शाती है। डीएसपी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि देखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे इस तरह के अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी और लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
विशेष रूप से, यह कार्रवाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तत्परता और गहन जांच प्रक्रिया का उदाहरण है। यह घटना यह भी दिखाती है कि किस तरह गुप्त सूचना का सही इस्तेमाल करके बड़े अपराधों को रोका जा सकता है।
अंततः, मालसलामी पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि बिहार में प्रतिबंधित दवा तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की अपराध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस प्रकार यह मामला न केवल एक बड़ी बरामदगी का है, बल्कि यह बिहार में दवा तस्करी के नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होता है।







