
दरभंगा (नासिर हुसैन) :- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में शैक्षणिक विकास की असीमित संभावनाएं मौजूद हैं। आने वाला समय मिथिला विश्वविद्यालय का होगा इसके सर्वांगीण विकास के दरवाजे चारों दिशाओं में खुलेंगे। यह बात ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के।कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी ने शनिवार को विद्यापति सेवा संस्थान के तत्वावधान में उनके तीन वर्षीय कार्यकाल का सफलतम दूसरा साल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित अभिनंदन समारोह में कही।

विश्वविद्यालय के कार्य संस्कृति में अपेक्षित सुधार होने के बाद उनकी प्राथमिकता पारंपरिक शिक्षा की गुणवत्ता को दुरूस्त करने के साथ ही छात्र-छात्राओं को समय की मांग के हिसाब से रोजगारोन्मुखी गैर पारंपरिक पाठ्यक्रम के विकल्प उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय फोरेंसिक साइंस सरीखे कौशल विकास आधारित अनेक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों के शुरू हो जाने से समय के माकूल जहाँ छात्रों को कैरियर का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा वहींं यह विश्वविद्यालय पूर्वी जोन का ऐसा पहला विश्वविद्यालय होगा जहां इसकी पढाई होगी। उन्होंने डब्ल्यू आई टी की संचालन गतिविधि पर संतोष जाहिर करते कहा कि प्रो. दिलीप कुमार चौधरी की सक्रियता एवं कठिन परिश्रम से बीते सत्र से कानून में स्नातक स्तर की पढाई जहाँ फिर से शुरू हो गई है। बायोटेक पाठ्यक्रम एवं खेल निदेशालय के शुभारंभ होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। अपने संबोधन में उन्होंने जल्द ही दूरस्थ शिक्षा निदेशालय एवं खेल निदेशालय के भी प्रारंभ होने की प्रबल संभावना जाहिर की,विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के ससमय मूल्यांकन एवं निर्धारित समय सीमा के अंदर उनका परीक्षा फल प्रकाशित करने के लिए विश्वविद्यालय में केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र की स्थापना की जा रही है। जिसमें डिजिटल मूल्यांकन की व्यवस्था सुनिश्चित होने से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में समय की बचत के साथ-साथ छात्रों को समय पर परीक्षा फल का प्रकाशन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा फल के प्रकाशन में समर्थ एवं स्वयं पोर्टल के महत्व को समझते हुए इसे भी सक्रिय किया जा रहा है। उन्होंने महाविद्यालय के शिक्षकों के प्रति विशेष रूप से धन्यवाद ज्ञापित करते कहा कि अध्यापन के साथ-साथ विश्वविद्यालय की बहुत सी जरूरी कामों को निपटाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सेवानिवृत शिक्षकों एवं कर्मियों के बकाए के भुगतान पर उनकी पैनी निगाह है और वे इसपर विधि सम्मत कार्रवाई में निरंतर लगे हुए हैं। उन्होंने शिक्षकों के प्रोन्नति का कार्य 10 फरवरी से शुरू हो जाने की बात करते हुए शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की श्रमसाध्य सक्रियता के बल पर विश्वविद्यालय के प्रगति की गति पर संतोष जाहिर करते कहा विजिलेंस के दौर से गुजरने वाली विश्वविद्यालय यदि सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है इसका सीधा मतलब है विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली सजग है। उन्होंने विभिन्न विभागों को कॉन्फ्रेंस हॉल मुहैया कराने को अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर बताते कहा स्कूल गुरु मामले में एमओयू में सामने आई गड़बड़ियों के विरुद्ध विश्वविद्यालय न्यायालय की शरण में जाने की सोच रहा है, ताकि विश्वविद्यालय के धन का दुरुपयोग होने से बचाया जा सके। उन्होंने डा बैद्यनाथ चौधरी बैजू की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते कहा इनके जैसे निःस्वार्थी लोग विश्वविद्यालय की मूल पूंजी हैं। स्थानीय एमएलएसएम कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सी. एम. साइंस कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो संजीव कुमार मिश्र ने की। महाविद्यालय के संगीत विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कवि कोकिल विद्यापति रचित गोसाउनि गीत ‘जय जय भैरवि…’ से प्रारंभ हुए कार्यक्रम मैथिली मंच के स्थापित कलाकार रामसेवक ठाकुर, कृष्ण कुमार कन्हैया एवं केदारनाथ कुमर ने सामूहिक स्वागत गीत एवं अन्य प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया।

संस्थान के मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में संगीत की सुरमयी लहरियों के बीच संस्थान की ओर से कुलपति के अभिनंदन में बधाई एवं शुभकामना दी। संस्थान परिवार की ओर से प्रवीण कुमार झा द्वारा रचित अभिनंदन पत्र का सस्वर वाचन उन्होंने स्वयं किया। इससे पहले स्वागत संबोधन में संस्थान के महासचिव डा बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के यशस्वी कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी के दो वर्षों के उपलब्धिपूर्ण कार्यकाल के लिए उनके अभिनंदन से विश्वविद्यालय के विकास की गति को मिठास मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय का उत्तरोत्तर विकास हो रहा है, जिससे मिथिला के आम व खास सभी लोग आह्लादित हैं। उनकी गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक एवं शैक्षणिक तत्परता से आम मिथिलावासी में उमंग एवं उत्साह का अभूतपूर्व संचार हुआ है। कार्यक्रम में एम के कॉलेज के प्रधानाचार्य डा रहमतुल्लाह, सीनेट सदस्य क्रमशः डॉ रासुभग चौधरी, अंजीत चौधरी, सिनेटर सह शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ के प्रक्षेत्रीय मंत्री विनय कुमार झा, वरिष्ठ शिक्षक कन्हैयाजी, समाजसेवी रंगनाथ ठाकुर, छात्र नेता उत्सव पराशर आदि ने भी अपने मूल्यवान विचार रखे। धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डा बुचरू पासवान ने किया।
अभिनंदन समारोह में डॉ अयोध्या नाथ झा, वैद्य गणपति झा, डॉ माधव चौधरी, प्रो रमेश झा, डॉ अमलेन्दु शेखर पाठक, अरुण सिंह, डॉ. चंद्रनाथ मिश्र, डॉ गणेश कांत झा, दुर्गानंद झा, हरिकिशोर चौधरी, डॉ शेष नारायण झा, आशीष चौधरी, डॉ आनन्द मोहन झा, डॉ रोहित कुमार झा, राधेश्याम झा,मणिभूषण राजू, पंकज कुमार ठाकुर व अन्य मौजूद रहे।








