हनुमाननगर:- जब कविता आत्मा की आवाज़ बनकर मंच पर उतरती है, तब वह केवल पाठ नहीं रह जाती—वह एक अनुभव बन जाती है। ऐसा ही साहित्यिक अनुभव पटोरी को मिला, जब पटोरी साहित्यिक मंच के तत्वावधान में कवि सौम्य कुमार विभु की काव्य कृति ‘स्वधा’ का लोकार्पण शनिवार को पटरोरी गांव स्थित माँ हंसवाहिनी पूजा स्थल के पावन परिसर में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षाविद प्रोफेसर बीरेंद्र प्रसाद चौधरी ने की। समारोह की शुरुआत समाज और साहित्य के प्रति योगदान देने वाले गणमान्य व्यक्तियों के सम्मान से हुई। इस अवसर पर मुखिया माधुरी कुमारी, पैक्स अध्यक्षा गुंजन कुमारी, पूर्व मुखिया रामएकबाल चौधरी, राधामोहन चौधरी, अवकाश प्राप्त शिक्षाविद हरिवंश चौधरी, श्यामचंद्र चौधरी, जयशंकर प्रसाद चौधरी, रामस्नेही चौधरी तथा उदय शंकर चौधरी को सम्मानित किया गया।
काव्य-पाठ के दौरान कवि उदय शंकर चौधरी और कवि सौम्य कुमार विभु ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को संवेदना और विचार के धरातल पर ले जाने का कार्य किया। कविताओं में जीवन की जटिलताओं, सामाजिक सच और आत्मबोध की स्पष्ट छाया दिखाई दी। इसके पश्चात पुस्तक ‘स्वधा’ का विधिवत लोकार्पण हुआ। पुस्तक चर्चा में वक्ताओं ने इसे समकालीन हिंदी कविता की एक गंभीर और संवेदनशील कृति बताते हुए कहा कि यह संग्रह पाठकों को भीतर तक झकझोरने की क्षमता रखता है। कार्यक्रम का संचालन उमेश प्रसाद चौधरी ने किया। अंत में उनके आग्रह पर अध्यक्ष प्रो. बीरेंद्र प्रसाद चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभा की समाप्ति की घोषणा की।

लोकार्पण समारोह में उपस्थित गणमान्य।







