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पटना: राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास हथियारबंद बदमाशों ने की भीषण लूट, पिता-पुत्र बाल-बाल बचे

January 20, 20261 Mins Read
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पटना के अत्यधिक व्यस्त राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास रविवार की सुबह करीब आठ बजे एक शोकजनक और हड़कंप मचा देने वाली घटना सामने आई। हाजीपुर के जाने-माने जेवर कारोबारी विनोद कुमार और उनके पुत्र रवि कुमार इस घटना के शिकार बने। अपराधियों ने 22 लाख रुपये मूल्य के गहनों से भरा बैग लूट लिया और विरोध करने पर पिता-पुत्र पर हथियारों का इस्तेमाल किया।

पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी लूट के तुरंत बाद चित्रगुप्त नगर थाना को दी गई। थानेदार रोशनी कुमारी ने बताया कि मामला गंभीर है और पुलिस पूरी तेजी के साथ छानबीन कर रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी अभी तक फरार हैं और उनकी पहचान करने के प्रयास जारी हैं।

विनोद कुमार परिवार के साथ हाजीपुर के वैशाली इलाके में रहते हैं और उनके हाजीपुर में तीन शोरूम हैं। पिता की कोलकाता से सोने के आभूषण लाने की योजना थी। उन्होंने 18 जनवरी की सुबह हावड़ा-दानापुर एक्सप्रेस से राजेंद्र नगर जंक्शन पर उतरने के बाद अपने साथ दो जेवरात से भरे बैग और एक कर्मचारी को साथ लाया था।

रवि कुमार अपने पिता को लेने राजेंद्र नगर जंक्शन पहुंचे। घटना के समय दोनों पिता-पुत्र पैदल जंक्शन से बाहर निकल रहे थे। तभी पांच बदमाश अचानक प्रकट हुए। सभी बदमाश हथियारों से लैस थे और उन्होंने सीधे जेवरात से भरा बैग लूटने का प्रयास किया।

जैसे ही लूट की कोशिश हुई, रवि कुमार ने हस्तक्षेप किया और बदमाशों का विरोध किया। इस पर अपराधियों ने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। पहले फायर का गोला कारोबारी के शरीर के पास से गुजर गया और यह लाठी-गोली के बीच का संघर्ष बन गया। दूसरे फायरिंग प्रयास के दौरान पिस्टल की मैगजीन नीचे गिर गई, जिससे गोली नहीं चल पाई।

इसके बाद बदमाशों ने पिस्टल की बट से रवि कुमार के सिर पर हमला किया। गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद, पिता-पुत्र घटना स्थल से जीवित बच गए। बदमाशों ने एक बैग लूटकर मोटरसाइकिल से राजेंद्र नगर की ओर भागने में सफल हो गए।

रवि कुमार ने बताया कि लूटे गए बैग में लगभग 22 लाख रुपये मूल्य के सोने और आभूषण रखे थे। उन्होंने घटना के तुरंत बाद पिता को सुरक्षित हाजीपुर भेजा और खुद कंकड़बाग के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। वहीं पुलिस को भी सूचना दी गई।

पुलिस ने बताया कि बदमाशों की उम्र लगभग 19 से 30 वर्ष के बीच थी। सभी ने हेलमेट पहना हुआ था, इसलिए उनके चेहरे पहचानना कठिन था। हालांकि, घटना के दौरान वहां लगे एक दुकान के सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। पुलिस इस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की कोशिश कर रही है।

अतिरिक्त जांच में पुलिस को संदेह है कि इस वारदात की योजना संभवतः कोलकाता से मिली सूचना के आधार पर बनाई गई थी। इसके अलावा, पुलिस कारोबारी के साथ मौजूद कर्मचारी की भूमिका की भी जांच कर रही है कि कहीं इसमें उसकी कोई संलिप्तता तो नहीं।

इस घटना ने राजधानी पटना में सुरक्षा की बड़ी चिंता पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि राजेंद्र नगर टर्मिनल जैसे व्यस्त स्थान पर इतनी हिंसक और खुली लूट को अंजाम देना बहुत गंभीर मामला है। यह स्पष्ट करता है कि अपराधी अब दिन-दिहाड़ी में भी हिम्मत कर रहे हैं और हथियारों का खुला इस्तेमाल कर रहे हैं।

विशेष रूप से यह ध्यान देने योग्य है कि पिता और पुत्र की जान बाल-बाल बची। रवि कुमार के जख्म गंभीर हैं, लेकिन जीवन के लिए खतरा फिलहाल टला हुआ है। पुलिस ने बताया कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और सभी संभावित रास्तों की तलाशी ली जा रही है।

स्थानीय लोग इस घटना से सहम गए हैं। उनका कहना है कि अगर इस तरह की घटनाएं बढ़ती हैं, तो नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठता है। व्यापारियों ने भी पुलिस प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है, खासकर उन लोगों के लिए जो उच्च मूल्य वाले आभूषण और नकदी ले जाते हैं।

इस पूरी वारदात में यह एक राहत की बात रही कि अपराधियों को सफलता नहीं मिली और किसी की जान नहीं गई। हालांकि, हिंसक तरीके से हमला और हथियारों का इस्तेमाल एक गंभीर संदेश देता है कि अपराधियों में अब कानून के डर की कमी है।

पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर किसी को संदिग्ध गतिविधि दिखे या किसी संदिग्ध वाहन/व्यक्ति की जानकारी मिले तो तुरंत 100 नंबर पर सूचना दें। पुलिस ने यह भी कहा कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की पूरी कोशिश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि बड़े शहरों में व्यापारियों और नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल पुलिस पर नहीं छोड़ी जा सकती। आम लोगों को भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की जरूरत है।

पटना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने यह आश्वासन भी दिया कि जल्द ही लूटे गए जेवरात की बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे।

इस घटना की पूरी वीडियो फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी है, जिससे लोगों में डर और चिंता की भावना बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने जनता से संयम बनाए रखने की अपील की है और कहा कि पुलिस घटना की पूरी जांच कर रही है।

अंततः यह घटना केवल एक लूट की कहानी नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा के गंभीर मसले की ओर भी इशारा करती है। कारोबारी परिवार की हिम्मत और सतर्कता ने बड़ी तबाही को टाल दिया, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है?

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