बिहार में बढ़ते अपराध और महिलाओं के खिलाफ हो रही जघन्य घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चरमराई हुई बताते हुए कहा कि मौजूदा सरकार अपराधियों और बलात्कारियों को संरक्षण दे रही है, जबकि पीड़ितों की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है।

रविवार को जारी एक बयान में तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में शासन व्यवस्था अब संवेदनहीन हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तथाकथित “डबल इंजन” की सरकार अब जनहित में नहीं, बल्कि अत्याचारियों, भ्रष्टाचारियों और अपराधियों के हित में काम कर रही है। तेजस्वी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग मौन धारण कर खुद को महात्मा साबित करने का ढोंग कर रहे हैं, जबकि राज्य में मासूम बच्चियों, छात्राओं और महिलाओं के साथ दरिंदगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता यह देखकर स्तब्ध है कि सरकार के संरक्षण में अपराधी बेखौफ हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की छत्रछाया में अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे नाबालिग बच्चियों, विधवा महिलाओं और छात्राओं को भी निशाना बनाने से नहीं हिचक रहे। इसके बावजूद सरकार की ओर से न तो संवेदना दिखाई देती है और न ही सख्त कार्रवाई की इच्छाशक्ति।
नेता प्रतिपक्ष ने हाल के दिनों में सामने आई कई दिल दहला देने वाली घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मधेपुरा जिले में एक विधवा महिला के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की घटना को अमानवीय करार दिया। इसके अलावा खगड़िया में चार साल की मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या और पटना में जहानाबाद की नीट छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म व क्रूरतापूर्ण हत्या की घटनाओं को उन्होंने बिहार के लिए शर्मनाक बताया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि ये घटनाएं सिर्फ अपराध नहीं हैं, बल्कि राज्य की प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता प्रमाण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की निष्क्रियता और सत्ता-संरक्षित अपराधों के कारण ऐसी वीभत्स घटनाएं लगातार दोहराई जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतनी गंभीर घटनाएं हो रही हैं, तो मुख्यमंत्री और उनके मंत्री आखिर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं।
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनकी चुप्पी अब आपराधिक होती जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लंबे समय से मीडिया से संवाद नहीं कर रहे हैं और न ही जनता के सामने आकर इन घटनाओं पर कोई स्पष्ट बयान दे रहे हैं। तेजस्वी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत बताया और कहा कि जब सरकार जवाबदेह होना छोड़ दे, तो अराजकता का रास्ता खुल जाता है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्ती दिखाने के बजाय विरोध करने वालों पर दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि पटना और खगड़िया में जब लोग इन जघन्य घटनाओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे और न्याय की मांग की, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। इतना ही नहीं, राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया गया, जबकि असली अपराधियों के साथ “मेहमानों” जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि क्या पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करना अब अपराध बन गया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में विरोध और सवाल उठाना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन बिहार में इस अधिकार को कुचलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ितों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि अपनी सत्ता बचाना बन गई है।
उन्होंने कहा कि बिहार की विधि-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। खासकर महिलाएं और बच्चियां भय के साए में जीने को मजबूर हैं। तेजस्वी ने कहा कि राज्य में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार आंकड़ों और जुमलों के सहारे सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है।
अपने बयान के अंत में तेजस्वी यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सत्ता-प्रायोजित अत्याचार और अपराधों पर जल्द लगाम नहीं लगाई गई, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी ताकत दिखाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता सब देख और समझ रही है और समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनता दल पीड़ितों के साथ खड़ा है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि बिहार को भय, अपराध और अन्याय से मुक्त करना ही उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य है।







