बांका जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां इकलौते भाई की असमय मौत का सदमा एक बहन सहन नहीं कर सकी। गहरे मानसिक आघात में उसने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

यह मामला पंजवारा थाना क्षेत्र के हेटनीम गांव का है। मृतका की पहचान रामलखन पंजीयरा की 28 वर्षीय पत्नी सावित्री कुमारी के रूप में हुई है। सावित्री अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गई है। पहले भाई और अब बहन की मौत से परिवार पूरी तरह बिखर गया है।
मजदूरी के दौरान बिगड़ी भाई की तबीयत
मृतका की मां निर्मला देवी ने बताया कि उनके चार बेटियां और एकमात्र बेटा सुमित मांझी था। सुमित मजदूरी के सिलसिले में तमिलनाडु में काम करता था। करीब दस दिन पहले अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे वहां के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज की पुष्टि की, और इलाज के दौरान सुमित की मौत हो गई।
श्राद्ध के दौरान टूट गया बहन का सब्र
भाई की मौत के बाद परिजन अंतिम संस्कार कर गोड्डा में श्राद्ध कर्म कर रहे थे। इसी दौरान सावित्री कुमारी भाई की याद और सदमे से पूरी तरह टूट गई। रविवार को उसने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
परिजन आनन-फानन में सावित्री को भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही बरारी थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। भाई-बहन की लगातार हुई मौत से पूरे हेटनीम गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना जता रहे हैं।







