बिहार की राजधानी पटना में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी बानगी कंकड़बाग इलाके में देखने को मिली। यहाँ कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए बेखौफ बदमाशों ने बीए के एक छात्र की सरेआम गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या की वजह जानकर हर कोई सन्न है—महज 200 रुपये और सिगरेट का विवाद एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ निगल गया।

इस जघन्य हत्याकांड की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई का विवरण यहाँ है:
1. विवाद की शुरुआत: 200 रुपये और एक कप चाय
लखीसराय के बड़हिया का रहने वाला बीए पार्ट-1 का छात्र गौरव कुमार हाल ही में अपने पिता के पास पटना आया था। मंगलवार की शाम एमआईजी पार्क (MIG Park) के पास विवाद की छोटी सी चिंगारी भड़की।
गौरव ने अपने एक परिचित युवक को चाय और सिगरेट लाने के लिए 200 रुपये दिए थे।
आरोपी युवक ने न तो सामान लाया और न ही पैसे वापस किए। जब गौरव ने पैसे मांगे, तो बहस शुरू हो गई जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। उस समय वहां मौजूद लड़कों ने गौरव को पीटा, लेकिन गौरव किसी तरह बचकर अपने पिता की दुकान पर चला गया।
2. दुकान पर चढ़कर 20 गुंडों ने किया तांडव
मामला वहीं खत्म नहीं हुआ। प्रतिशोध की आग में जल रहे बदमाश पूरी तैयारी के साथ लौटे।
रात के वक्त करीब 15 से 20 युवक लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर लोहियानगर स्थित गौरव के पिता की दुकान ‘रानी स्टील शटर’ पर आ धमके।
बदमाशों ने पहले से रेकी की थी। जैसे ही उन्होंने गौरव को देखा, उस पर टूट पड़े।
बर्बरता की हद: परिजनों के सामने ही बदमाशों ने गौरव को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और फिर धारदार चाकू से उसका गला रेत दिया। बीच-बचाव करने आए भाई और पिता को भी बुरी तरह पीटा गया।
3. अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
खून से लथपथ गौरव को परिजन निजी अस्पताल लेकर भागे, जहाँ जिंदगी और मौत से जूझते हुए बुधवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पुलिसिया सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
डायल 112 की विफलता: परिजनों का आरोप है कि झगड़े की शुरुआत में ही पुलिस को ‘डायल 112’ पर सूचना दी गई थी। अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती, तो शायद गौरव आज जिंदा होता। पुलिस के देर से पहुंचने के कारण अपराधी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
4. कार्रवाई: 4 नाबालिग हिरासत में
इस सनसनीखेज हत्या के बाद एएसपी (ASP) अभिनव ने मामले की कमान संभाली है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है।
सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।







