सासाराम हेड पोस्ट ऑफिस में भ्रष्टाचार का खेल उजागर हुआ है। ट्रांसफर की फाइल जल्दी भेजने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने एक पोस्टमैन को गिरफ्तार किया।

केंद्रीय जांच एजेंसी की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने मंगलवार को पोस्टमैन श्रीलाल को 30 हजार रुपये लेते हुए धर दबोचा। यह रकम ग्रामीण डाक सेवक बिट्टू कुमार करवार से ली जा रही थी ताकि उनकी ट्रांसफर फाइल तेजी से दिल्ली भेजी जा सके। इस गिरफ्तारी के बाद पोस्ट ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई।
पेशागत दबाव में रिश्वत:
जांच के दौरान श्रीलाल ने बताया कि उन्होंने यह राशि अपने वरिष्ठ, डाक अधीक्षक मारुति नंदन के कहने पर ली थी। शिकायतकर्ता बिट्टू कुमार करवार ने बताया कि रोहतास प्रमंडल में GDS के पद पर कार्यरत होने के बावजूद उनकी ट्रांसफर फाइल देर से भेजी गई। 31 दिसंबर को दिल्ली पहुँचने पर उन्हें पता चला कि फाइल रोहतास डिवीजन से अभी तक नहीं गई थी, जिससे उनका जॉइनिंग प्रक्रिया अटकी रही।
रिश्वत का खेल:
दिल्ली से लौटने के बाद जब बिट्टू ने फाइल भेजने की मांग की, तो डाक अधीक्षक और उनके ड्राइवर श्रीलाल ने 50 हजार रुपये की मांग की। बाद में सौदा 30 हजार रुपये में तय हुआ।
सीबीआई की जालसाजी:
बिट्टू कुमार ने शिकायत दर्ज कराई और सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। पोस्टमैन श्रीलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच जारी, अधिकारी फरार:
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने श्रीलाल के घर पर भी छापेमारी की। वहीं डाक अधीक्षक मारुति नंदन अब तक फरार हैं। एजेंसी मामले की गहन जांच कर रही है।







