बिहार के पूर्णिया जिले में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाने वाली एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। डगरूआ थाना क्षेत्र के बरियार चौक में छह युवकों ने एक युवती का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने पीड़िता को जबरन शराब पिलाई और पूरे समय उसे प्रताड़ित किया। घटना के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य पांच की तलाश जारी है। पीड़िता को गंभीर हालत में पूर्णिया GMCH में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता घर लौट रही थी, तभी छह युवक चार-पहिया वाहन में सवार होकर उसे रोक लिया। विरोध करने पर उन्होंने उसे गाड़ी में जबरन खींचा और शोर न मचाने के लिए मुंह बंद कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता को बरियार चौक स्थित जया ट्रेडर्स के एक सुनसान कमरे में ले जाकर बंधक बना लिया।
सूत्रों के मुताबिक, कमरे में आरोपियों ने पीड़िता को नशे में डालने के लिए शराब पिलाई। फिर सभी छह आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के दौरान पांच आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि एक आरोपी मोहम्मद जुनैद वहीं रुका।
गंभीर स्थिति में होने के बावजूद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी। जब आरोपी नशे की हालत में सो गया, तब पीड़िता ने उसी का मोबाइल उठाया और डायल 112 पर पुलिस को अपनी लोकेशन और आपबीती की जानकारी दी। इस बहादुरी ने उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सूचना मिलते ही डगरूआ थाना की पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और पीड़िता को बदहवास, लहूलुहान हालत में पाया। आरोपी मोहम्मद जुनैद को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता को तत्काल बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया GMCH में भर्ती कराया गया है।
थाना प्रभारी एसआई पूर्णिमा कुमारी ने कहा कि यह एक संगठित अपराध था और आरोपी युवकों ने मिलकर जघन्य वारदात को अंजाम दिया। फरार अन्य पांच आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ विशेष छापामारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सभी दोषियों को जल्द ही पकड़कर कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
इस घटना ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा और उनके खिलाफ अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अपराध समाज में भय और असुरक्षा की भावना को बढ़ाते हैं और युवाओं में नैतिक शिक्षा और कानूनी चेतना की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
पीड़िता की बहादुरी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बावजूद यह घटना यह दिखाती है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता, सक्रिय कानूनी कार्रवाई और समाजिक समर्थन बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वह ऐसे अपराधों की सूचना तुरंत पुलिस को दें और पीड़ितों के साथ सहयोग करें।
पूर्णिया की यह वारदात एक बार फिर याद दिलाती है कि समाज में महिलाओं के प्रति अपराध और हिंसा को रोकने के लिए कठोर कानून और उनकी सही समय पर क्रियान्वयन कितने जरूरी हैं।







