पटना: मकर संक्रांति के मौके पर कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय, सदाकत आश्रम में आयोजित ‘दही-चूड़ा भोज’ में पार्टी की आंतरिक गुटबाजी फिर उभरकर सामने आई। कांग्रेस अध्यक्ष के न्योते के बावजूद छह विधायक इस कार्यक्रम में नहीं पहुँच सके, जिससे पार्टी के भीतर तनाव की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, अनुपस्थित रहने वाले विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में संक्रांति के कार्यक्रम में व्यस्त थे। हालांकि कार्यकर्ता इसे आगामी कैबिनेट विस्तार और संगठन में अनदेखी से जोड़कर देख रहे हैं। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि कोई विद्रोह या नाराजगी की स्थिति नहीं है और सब कुछ सामान्य है।
इस आयोजन में पार्टी नेताओं ने आंतरिक संबंधों को मजबूत करने और आपसी मिठास बनाए रखने का संदेश देने की कोशिश की, लेकिन छः विधायकों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक पंडितों की नज़र में नए सियासी संकेत दे दिए हैं।







