भीषण ठंढ में भी नंगे पैर कांधे पर कांवर लिये भगवान भोलेनाथ के भक्त बोल बम और ओम नमः शिवाय का जाप करते हुए सुल्तानगंज की तरफ बढते चले जा रहे

हायाघाट : माघ मास की शुरुआत हो गई है, हर तरफ ठंढ और शीतलहर का प्रकोप है. लेकिन ऐसे भीषण ठंढ में भी नंगे पैर कांधे पर कांवर लिये भगवान भोलेनाथ के भक्त बोल बम और ओम नमः शिवाय का जाप करते हुए शांति से सड़क पर बांये साईड से चलते हुए सुल्तानगंज की तरफ बढते चले जा रहे हैं. ना कोई हल्ला ना शोर शराबा ना ही कोई हुडदंग, बस भोले में ध्यान लगाये बढे जा रहे हैं माघी बम. अभी पुरा हायाघाट प्रखंड क्षेत्र की सड़कें कांवडियों से पटा हुआ है. शाम होते होते ये कांवडिये किसी मंदिर, स्कूल या फिर किसी मैदान में अपना लंगर डालते हैं और वहीं पर कुछ बम खाने बनाने लगते हैं कुछ जलावन की व्यवस्था में लग जाते हैं तो कुछ बम कीर्तन और कांवर आरती में लग जाते हैं.

सीतामढ़ी के सुरसंड से आये बम बासुकी झा, देवनारायण मिश्र और रेवतीरमण झा ने चलते चलते बातचीत के क्रम बताया कि हमलोगों की 22 बम की टीम है जो पिछले कई वर्षों से लगातार माघ मास में अपने अपने घर से कुलदेवता को प्रणाम कर निकलते है और श्रीपंचमी अर्थात सरस्वती पूजा के दिन भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं. फिर वहीं पर महादेव के तिलकोत्सव कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वापस घर लौटते हैं. आमतौर पर कांवडिये सबारी से सुल्तानगंज जाते हैं वहां से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा आरंभ करते हैं लेकिन माघी बम अपने घर से ही कांवड़ यात्रा शुरू करते हुए सुल्तानगंज जाते हैं फिर वहां से गंगाजल भरकर बैद्यनाथ धाम के लिए विदा होते हैं.







