उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा पर स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से सटे क्षेत्रों में बाघ का आतंक बढ़ता जा रहा है। ताजा मामले में बाघ के हमले में 13 साल की एक किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है।

यह घटना उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन क्षेत्र अंतर्गत मरचहवा गांव की है, जो बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित है। मृतका की पहचान मरचहवा गांव निवासी उमेश कन्नौजिया की बेटी गुड्डी उर्फ लचीया के रूप में हुई है।
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर लचीया अपनी बड़ी बहन के साथ खेत में गन्ना काटने गई थी। इसी दौरान बड़ी बहन पास ही जलावन की लकड़ी लेने चली गई। जब वह वापस लौटी तो लचीया खेत में मौजूद नहीं थी।
रातभर चली तलाश, सुबह मिला क्षत-विक्षत शव
काफी देर तक खोजबीन के बाद भी जब किशोरी का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों और ग्रामीणों ने रात में लाठी-डंडे और टॉर्च लेकर तलाश अभियान चलाया, जो देर रात तक जारी रहा। शनिवार सुबह फिर से खोज शुरू की गई।
खेत से जंगल की ओर जाते रास्ते में खून के निशान और किशोरी की चप्पल मिली। आगे जंगल के पास उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव के दोनों हाथ और शरीर का काफी हिस्सा गायब था, जिससे बाघ के हमले की पुष्टि हुई।
गांव में दहशत, वन विभाग अलर्ट
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद गांव में भय का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मदनपुर वन क्षेत्र अधिकारी नसीम अंसारी के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निचलौल और मदनपुर वन क्षेत्र के अधिकारी भी जांच में जुटे हैं।
बाघ की निगरानी तेज
वीटीआर के वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक डॉ. नेशामणी के. ने बताया कि घटना यूपी क्षेत्र की है, लेकिन सीमा से सटे जंगल होने के कारण संयुक्त रूप से निगरानी की जा रही है। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की जा रही है।







