इलाके में दहशत, नसबंदी को लेकर प्रशासन पर उठे सवाल
पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में शुक्रवार को आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला। अलग-अलग मोहल्लों में कुत्तों के हमलों से एक ही दिन में 39 लोग घायल हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया। बच्चों से लेकर बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग इन हमलों का शिकार बने।

बाल्मी, गोविन्दपुर, नया टोला समेत कई इलाकों में कुत्तों के झुंड अचानक राहगीरों पर टूट पड़े। हमलों में घायल 20 लोगों को गंभीर हालत में पटना एम्स की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जबकि 19 पीड़ितों ने फुलवारीशरीफ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाया। सीएचसी पहुंचने वालों में एक बच्चा भी शामिल है।
एम्स इमरजेंसी में एक साथ बड़ी संख्या में डॉग बाइट के मरीज पहुंचने से डॉक्टर भी हैरान रह गए। सभी घायलों का तत्काल इलाज किया गया। वहीं, सीएचसी की मैनेजर सिपरा चौहान ने पुष्टि की कि कुत्ते के काटने से घायल 19 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि नगर परिषद द्वारा आवारा कुत्तों की नसबंदी का दावा सिर्फ फाइलों तक सीमित है। हकीकत यह है कि नगर परिषद क्षेत्र में कुत्तों के झुंड खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं और लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर दिन खतरा बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल बैठकों में ही समाधान की बातें कर रहे हैं।
लगातार बढ़ रही घटनाओं से क्षेत्रवासी सहमे हुए हैं और प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।







