मुजफ्फरपुर जिले में जारी भीषण ठंड ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी साफ नजर आने लगा है। लगातार गिरते तापमान और सर्द हवाओं के चलते ठंड का प्रकोप और तेज हो गया है।

पिछले कई दिनों से जिले में शीतलहर का असर बना हुआ है। ठंड के कारण सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और वाहन चालक भी धीमी गति से चलने को मजबूर हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में सुबह-शाम सन्नाटा पसरा रहता है, जबकि लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं।
ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आठवीं कक्षा तक के स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पछुआ हवाओं के सक्रिय रहने और धूप नहीं निकलने की वजह से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जिले का न्यूनतम तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ठंड की गंभीरता को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस बार की ठंड ने बीते कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।







