बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ठंड ने इस समय आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। लगातार गिरते तापमान, बर्फीली पछुआ हवाओं और सुबह-शाम छाए घने कोहरे ने लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ा दी हैं। जिले में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है।

तेज पछुआ हवाओं के साथ बढ़ी कनकनी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। ठंड का असर इतना ज्यादा है कि लोग सुबह की सैर से परहेज कर रहे हैं, वहीं बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित नजर आ रहे हैं। सुबह के समय कोहरा छाया रहता है और दिनभर ठंडी हवाओं के चलते लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर तक ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है। खासकर फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले और खुले में काम करने वाले लोग इस भीषण ठंड से सबसे ज्यादा जूझ रहे हैं। सुबह करीब 10 बजे तक और शाम 4 बजे के बाद ठंड और तेज हो जाती है, जिससे लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और आने वाले दो से तीन दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है।
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। शहर के प्रमुख इलाकों में अलाव की व्यवस्था की गई है और लोगों से अपील की गई है कि वे ठंड से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं। प्रशासन का कहना है कि खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
कुल मिलाकर मुजफ्फरपुर इस समय ठंड के ट्रिपल अटैक—कोहरा, बर्फीली हवाएं और गिरता तापमान—से जूझ रहा है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।







