पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी, पढ़ाई में तेज और सपनों से भरी 10वीं कक्षा की छात्रा… मगर मानसिक उत्पीड़न ने उसकी जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दी। दरभंगा जिले की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या मानसिक हिंसा को हम आज भी हल्के में ले रहे हैं?

बिहार के दरभंगा जिले के बिशनपुर थाना क्षेत्र के हरचंदा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 10वीं क्लास में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा ने कथित तौर पर शादी के दबाव और लगातार मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों के अनुसार, गांव का ही एक 33 वर्षीय युवक काफी समय से छात्रा पर शादी का दबाव बना रहा था। वह बार-बार फोन कर परेशान करता, एकतरफा प्रेम का हवाला देता और उसके साथ भागने की जिद करता था। हैरानी की बात यह है कि युवक रिश्ते में छात्रा का भाई लगता था, इसके बावजूद उसने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं।
परिवार का कहना है कि लगातार डर, तनाव और सामाजिक दबाव ने बच्ची को अंदर से तोड़ दिया। आखिरकार उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है, वहीं परिजन बेसुध हालत में हैं।
यह घटना सिर्फ एक मौत की कहानी नहीं है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है कि मानसिक प्रताड़ना भी उतनी ही जानलेवा हो सकती है जितनी शारीरिक हिंसा। समय रहते अगर ऐसी स्थितियों को गंभीरता से लिया जाए, तो शायद कई मासूम जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।







