बिहार के हाजीपुर शहर में नवजात शिशुओं के साथ हो रही अमानवीय घटनाओं ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। महज तीन दिनों के भीतर दूसरी बार सड़क किनारे एक नवजात शिशु का शव मिलने से प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुरुवार सुबह सुभाष चौक के पोखरा मोहल्ला स्थित सड़क किनारे स्थानीय लोगों ने नवजात का शव देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल भेजा। प्रारंभिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में सुरक्षित रखा गया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि नवजात को किसने और किन परिस्थितियों में सड़क पर फेंका।
इससे पहले मंगलवार को सदर अस्पताल के मेन गेट के सामने नवजात का शव मिलने का मामला सामने आया था। उस दौरान शव को अमानवीय तरीके से उठाने का वीडियो वायरल हुआ था, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा गया था। जांच पूरी होने से पहले ही दूसरी घटना सामने आना चिंता बढ़ाने वाला है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में चल रहे अवैध नर्सिंग होम और क्लीनिक इन घटनाओं की बड़ी वजह हो सकते हैं। बिना रजिस्ट्रेशन और नियमों के हो रहे अवैध प्रसव के बाद सबूत मिटाने के लिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा हो, इससे इनकार नहीं किया जा सकता।








