पटना: राजधानी पटना को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए पटना नगर निगम ने निर्माण और तोड़-फोड़ से निकलने वाले मलबे को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब सड़क, नाली या खाली प्लॉट में मलबा फेंकना आम लोगों से लेकर बिल्डरों तक सभी को महंगा पड़ सकता है। नियमों का उल्लंघन करने पर नगर निगम द्वारा जुर्माना लगाया जाएगा और निगरानी भी तेज कर दी गई है।
गलत जगह मलबा फेंकने पर लगेगा जुर्माना
निर्माण कार्यों से निकलने वाला मलबा धूल और प्रदूषण का बड़ा कारण बनता है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। इसे देखते हुए नगर निगम ने निर्देश जारी किया है कि मलबा केवल तय किए गए सेकेंडरी प्वाइंट पर ही डाला जाए। निर्माण स्थल पर धूल उड़ने से रोकने के लिए ग्रीन मेश लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर ₹1500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

नगर निगम खुद उठाएगा मलबा
जिन लोगों के पास अधिक मात्रा में मलबा है, उनके लिए नगर निगम ने उठान की सुविधा भी शुरू की है। ₹600 प्रति चक्कर के शुल्क पर निगम की गाड़ी मलबा उठाएगी। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 155304 पर कॉल किया जा सकता है। वहीं, जानकारी और सहायता के लिए व्हाट्सएप नंबर 9264447449 भी उपलब्ध है।
इन तय स्थानों पर डाल सकेंगे मलबा
नगर निगम ने शहर के अलग-अलग अंचलों में मलबा जमा करने के लिए स्थान निर्धारित किए हैं:
बांकीपुर अंचल: आर्य कुमार रोड, महाराणा प्रताप मैरिज हॉल के पास
अजीमाबाद अंचल: बिग अस्पताल के सामने
पटना सिटी अंचल: पटना घाट के पास
पाटलिपुत्र अंचल: पाटलिपुत्र कॉलोनी, पानी टंकी के पास
कंकड़बाग: एनआरएल पेट्रोल पंप के पास
नूतन राजधानी: खगौल रोड
गर्दनीबाग: निर्धारित स्थल
नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और मलबा केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालें, ताकि पटना को साफ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।







